जालंधर बाईपास स्थित ग्रीन लैंड स्कूल के बाहर बड़ी संख्या में अभिभावकों ने प्रदर्शन करते हुए बच्चों के लिए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग उठाई। पेरेंट्स का आरोप है कि कई कक्षाओं में एसी ठीक से काम नहीं कर रहे और पीने के साफ पानी की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं है। उनका कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद स्कूल प्रबंधन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

लुधियाना: लुधियाना के जालंधर बाईपास स्थित ग्रीन लैंड स्कूल के बाहर आज उस वक्त माहौल गरमा गया, जब बड़ी संख्या में अभिभावक स्कूल प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन करने पहुंच गए। पेरेंट्स का आरोप है कि बच्चों की पढ़ाई और सुविधाओं के नाम पर फीस तो पूरी ली जा रही है, लेकिन स्कूल में बुनियादी सुविधाओं को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं।

AC नहीं चल रहे, गर्मी में बच्चों की परेशानी

प्रदर्शन कर रहे अभिभावकों के मुताबिक, स्कूल की कई क्लासों में AC ठीक से काम नहीं कर रहे। गर्मी के बीच बच्चों को क्लासरूम में परेशानी होती है और बच्चे घर आकर इसकी शिकायत करते हैं। पेरेंट्स का कहना है कि जब बच्चों की पढ़ाई और सेहत का सवाल हो, तो क्लासरूम का तापमान और आरामदायक माहौल कोई छोटी बात नहीं है।

पीने के पानी पर भी उठे सवाल

AC के बाद पेरेंट्स ने स्कूल में पीने के पानी की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए। उनका आरोप है कि बच्चों को साफ पानी उपलब्ध नहीं हो रहा। अभिभावकों का कहना है कि यह सिर्फ सुविधा का मामला नहीं है, बल्कि सीधे बच्चों की सेहत से जुड़ा मुद्दा है।

कई बार शिकायत, फिर भी समाधान नहीं

पेरेंट्स का कहना है कि उन्होंने पहले भी स्कूल मैनेजमेंट से बातचीत करने की कोशिश की और अपनी शिकायतें बताईं, लेकिन उन्हें कोई ठोस समाधान नहीं मिला। अभिभावकों का आरोप है कि उनकी बात निचले स्तर पर सुन ली जाती है, लेकिन मामला स्कूल के उच्च अधिकारियों तक पहुंचने के बाद भी कार्रवाई नजर नहीं आती।

कैमरे के सामने खुलकर बोले अभिभावक

मौके पर पहुंचे मीडिया से बातचीत में अभिभावकों ने अपनी परेशानियां खुलकर सामने रखीं। उनका कहना था कि वे स्कूल से कोई अतिरिक्त सुविधा नहीं मांग रहे, बल्कि बच्चों के लिए जरूरी बेसिक सुविधाएं चाहते हैं। पेरेंट्स ने साफ कहा कि बच्चों की सेहत और सुरक्षा से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

प्रिंसिपल का पक्ष जानने की भी कोशिश

मामले में निष्पक्ष तस्वीर सामने लाने के लिए मीडिया टीम ने स्कूल के प्रिंसिपल से भी बातचीत कर उनका पक्ष जानने की कोशिश की। अब सवाल यह है कि अभिभावकों के आरोपों पर स्कूल प्रबंधन क्या जवाब देता है और क्या इन समस्याओं को जल्द दूर करने के लिए कोई ठोस कदम उठाया जाता है।

फीस के बदले सुविधाओं का सवाल

इस पूरे विवाद ने एक बड़ा सवाल जरूर खड़ा कर दिया है—जब अभिभावक अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए फीस दे रहे हैं, तो क्या स्कूल की जिम्मेदारी सिर्फ पढ़ाई तक सीमित है या बच्चों को सुरक्षित, साफ और आरामदायक माहौल देना भी उतना ही जरूरी है?

फिलहाल पेरेंट्स ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी शिकायतों का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो विरोध और तेज किया जा सकता है। अब सबकी नजर स्कूल मैनेजमेंट के जवाब और आगे की कार्रवाई पर है।