नई दिल्ली : महाराष्ट्र की राज्य ओबीसी सूची में शामिल, लेकिन केंद्रीय ओबीसी सूची से बाहर चल रही 33 जातियों को केंद्रीय सूची में शामिल करने की मांग को लेकर *ओबीसी महाराष्ट्र कृति समिति* ने केंद्र सरकार के समक्ष आवाज उठाई है। समिति के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने 29 से 31 जुलाई तक नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों, सांसदों और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपे।
समिति के प्रचार प्रमुख *आशाद शेख* के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल को दिल्ली में जानकारी मिली कि 12+6 जातियों से संबंधित फाइल महाराष्ट्र सरकार को वापस भेजी गई है। अब राज्य स्तर पर आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद फाइल दोबारा NCBC को भेजी जाएगी, जिसके बाद प्रस्ताव केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय और आगे मंत्रिमंडल के समक्ष जाएगा। इसे देखते हुए समिति के पदाधिकारी अब महाराष्ट्र में संबंधित प्रक्रिया को जल्द पूरा करवाने के प्रयास में जुटे हैं।
प्रतिनिधियों का कहना है कि महाराष्ट्र सरकार ने 8 अक्टूबर और 2 नवंबर 2024 को NCBC की सकारात्मक सिफारिशों के साथ संबंधित प्रस्ताव केंद्र को भेजे थे। केंद्रीय अधिसूचना में देरी के कारण इन समुदायों के विद्यार्थियों और युवाओं को केंद्रीय शिक्षण संस्थानों, UPSC, केंद्र सरकार की नौकरियों और अन्य योजनाओं में OBC आरक्षण का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
दिल्ली प्रवास के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय राज्य मंत्री *रामदास आठवले, रक्षाताई खडसे, बी.एल. वर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री **डॉ. भागवत कराड, लोकसभा OBC कल्याण समिति के अध्यक्ष **डॉ. गणेश सिंह* तथा NCBC सदस्य *किरण महाले* सहित कई सांसदों और जनप्रतिनिधियों से मुलाकात की। समिति के अनुसार, जनप्रतिनिधियों ने मामले को संबंधित मंत्रालय और संसद में उठाने का भरोसा दिया।
समिति ने बताया कि प्रस्तावित प्रक्रिया में *बडगुजर, सूर्यवंशी गुजर, लेवे गुजर, पोवार-भोयर-पवार, कापेवार, तेलंगा, तेलंगी, पेंटारेड्डी, बुकेकारी, लोध-लोधा-लोधी और डांगरी* सहित विभिन्न जातियां शामिल हैं। दूसरे चरण में *कुलवंत वाणी, कुणबी वाणी, कराडी, कानोडी, नेवे वाणी, सलमानी, निषाद, मल्ल और मल्लाह समाज* को शामिल किए जाने की मांग की गई है।
सलमानी समाज की ओर से *मकसूद हसन सलमानी और आशाद शेख* ने प्रतिनिधित्व किया। समिति ने केंद्र और महाराष्ट्र सरकार से लंबित प्रक्रिया जल्द पूरी कर केंद्रीय अधिसूचना जारी करने की मांग की है।