हरियाणा सरकार ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों तक आयुष सेवाओं का विस्तार करने की तैयारी में है। प्रदेश में 515 आयुर्वेदिक, 16 यूनानी और 24 होम्योपैथिक औषधालय संचालित हो रहे हैं, जबकि अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में भी आयुष विंग, आईपीडी और ओपीडी सेवाएं उपलब्ध हैं। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने लोगों से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और आयुष पद्धतियों को दैनिक जीवन में शामिल करने की अपील की।

चंडीगढ़ : बदलती जीवनशैली, तनाव और खान-पान में बदलाव के कारण बढ़ रही क्रोनिक बीमारियों के बीच हरियाणा सरकार ने आयुष चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया है। स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान तथा आयुष मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी जैसी पद्धतियां बीमारी के इलाज के साथ उसकी रोकथाम में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

मंत्री ने बताया कि हाल ही में आयोजित राष्ट्रीय पोषण माह/सेवा पखवाड़े के दौरान प्रदेशभर में 1,771 आयुष स्वास्थ्य शिविर लगाए गए, जिनमें 10,900 से अधिक लोगों की नि:शुल्क जांच कर चिकित्सकीय सलाह दी गई।

हरियाणा में आयुष सेवाओं का नेटवर्क लगातार बढ़ रहा है। प्रदेश में 515 आयुर्वेदिक, 16 यूनानी और 24 होम्योपैथिक औषधालय संचालित हैं। वहीं जिला अस्पतालों में 21 आयुष विंग, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में 102 आयुष आईपीडी और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में 106 आयुष ओपीडी सेवाएं दे रही हैं।

सरकार के अनुसार ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में भी आयुष सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। कुरुक्षेत्र स्थित श्री कृष्णा आयुष विश्वविद्यालय के जरिए आयुष शिक्षा को भी बढ़ावा मिल रहा है। मंत्री ने लोगों से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और आयुष पद्धतियों को दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की।