गांवों में स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए अतिरिक्त उपायुक्त (ग्रामीण विकास) सुरिंदर सिंह ने सरपंचों और विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने आबादी के अनुसार कंपोजिट पिट, सेग्रीगेशन शेड और चारदीवारी बनाने के निर्देश दिए। हर गांव में वेस्ट कलेक्टर नियुक्त करने, घर-घर कचरा संग्रहण बढ़ाने और स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को अभियान से जोड़ने पर जोर दिया गया।

अमृतसर (आर . के. उप्पल) : गांवों में ठोस कचरा प्रबंधन व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से अतिरिक्त उपायुक्त (ग्रामीण विकास) अमृतसर श्री सुरिंदर सिंह की अध्यक्षता में सरपंचों, पंचायत सचिवों तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में गांवों में चल रहे ठोस कचरा प्रबंधन कार्यों की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि गांवों की आबादी के अनुसार पर्याप्त कंपोजिट पिट बनाए जाएं। ठोस कचरा प्रबंधन परियोजनाओं के तहत सेग्रीगेशन शेड एवं चारदीवारी का निर्माण भी सुनिश्चित किया जाए। इन कार्यों के लिए 15वें वित्त आयोग के फंड का उचित उपयोग करने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने प्रत्येक गांव में वेस्ट कलेक्टर नियुक्त करने और घर-घर से कचरा एकत्र करने की व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया। साथ ही पंजाब राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को भी इन गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल करने के निर्देश दिए।

श्री सुरिंदर सिंह ने गांव स्तर पर निगरानी कमेटियां गठित करने तथा लोगों को गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने के लिए जागरूक करने को कहा। उन्होंने बताया कि गीले कचरे से जैविक खाद तैयार कर कचरे की मात्रा कम करने के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दिया जा सकता है।

बैठक में जल आपूर्ति एवं सैनिटेशन विभाग, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के अधिकारी, विभिन्न ब्लॉकों के बीडीपीओ तथा कई गांवों के सरपंच उपस्थित रहे।