चंडीगढ़: इंडियन नेशनल लोकदल के प्रदेश प्रवक्ता ओंकार सिंह ने आज हरियाणा कौशल रोजगार निगम के तहत कार्यरत पटवारियों की समस्याओं को लेकर अंबाला के उपायुक्त श्री सचिन गुप्ता से मुलाकात की और उन्हें पटवारियों की गंभीर परेशानियों से अवगत कराया। इस दौरान एचकेआरएन के माध्यम से नियुक्त पटवारियों ने अपनी मांगों और समस्याओं से संबंधित ज्ञापन भी उपायुक्त को सौंपा।
ओंकार सिंह ने कहा कि हरियाणा सरकार ने एचकेआरएन के माध्यम से पटवारियों की भर्ती की थी और ये युवा पिछले लगभग दो वर्ष चार माह से पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ राजस्व विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। सरकार द्वारा 14 जुलाई को प्रदेश के सभी उपायुक्तों को इन कर्मचारियों को दो माह का एक्सटेंशन देने के निर्देश जारी किए गए थे, लेकिन अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि आज तक अंबाला जिले के किसी भी एचकेआरएन पटवारी को यह एक्सटेंशन नहीं दी गई, जबकि प्रदेश के अन्य जिलों में यह व्यवस्था लागू हो चुकी है। उन्होंने कहा कि इन युवाओं को पिछले तीन महीनों से वेतन भी नहीं मिला है, जिससे इनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है और भविष्य को लेकर गहरी चिंता बनी हुई है।
सरकार की इस उदासीनता के कारण मेहनतकश और योग्य युवा मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। ओंकार सिंह ने कहा कि हरियाणा कौशल रोजगार निगम युवाओं को रोजगार देने के बजाय उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है। पहले युवाओं से दो-दो, तीन-तीन साल तक काम लिया जाता है और फिर उन्हें घर बैठा दिया जाता है। ऐसे में ये युवा न तो किसी अन्य नौकरी के लिए समय पर आवेदन कर पाते हैं और न ही उनके भविष्य की कोई सुरक्षा होती है। कई युवा उम्र सीमा के कारण आगे चलकर सरकारी नौकरियों से भी वंचित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि एचकेआरएन के माध्यम से कार्यरत पटवारियों ने राजस्व विभाग के अनेक महत्वपूर्ण कार्यों को सफलतापूर्वक निभाया है। ऐसे कर्मचारियों को असुरक्षा में रखने के बजाय उनकी सेवाओं का सम्मान किया जाना चाहिए। सरकार को चाहिए कि इन युवाओं को स्थायी रोजगार उपलब्ध कराए ताकि वे सम्मानपूर्वक अपने परिवार का पालन-पोषण कर सकें।
ओंकार सिंह ने मांग की कि अंबाला जिले में भी तुरंत प्रभाव से वही व्यवस्था लागू की जाए जो प्रदेश के अन्य जिलों में लागू की गई है तथा सभी एचकेआरएन पटवारियों को बिना किसी देरी के दो माह का एक्सटेंशन दिया जाए। साथ ही लंबित वेतन का भुगतान तत्काल किया जाए और भविष्य में इन कर्मचारियों के लिए स्थायी समाधान निकाला जाए। उपायुक्त अंबाला ने प्रतिनिधिमंडल की बात को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि मामले की जांच कर शीघ्र समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।