बाढ़ प्रभावितों को मुआवजा और 2024 की ओलावृष्टि से हुए नुकसान की भरपाई समेत मांगों को लेकर किसान संगठनों ने 11 अगस्त को दोपहर 12 बजे रेल रोको आंदोलन का ऐलान किया था। प्रशासन के साथ बैठक में मुआवजे की प्रक्रिया तत्काल शुरू करने का भरोसा मिलने के बाद आंदोलन फिलहाल स्थगित कर दिया गया। पंजाब की अन्य मांगों पर कृषि मंत्री से चंडीगढ़ में बातचीत होगी।

अमृतसर (Naren Danu) : बाढ़ प्रभावितों और ओलावृष्टि से हुए नुकसान के मुआवजे की मांग को लेकर अमृतसर में मंगलवार को प्रस्तावित रेल रोको आंदोलन फिलहाल टल गया है। प्रशासन के साथ हुई बैठक में मुआवजे की प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन मिलने के बाद किसान संगठनों ने आंदोलन स्थगित करने का फैसला लिया।

भारतीय किसान यूनियन एकता संघर्ष के प्रदेश अध्यक्ष पलविंदर सिंह माहल ने बताया कि किसानों ने बाढ़ प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने, वर्ष 2024 में ओलावृष्टि से हुए नुकसान की भरपाई समेत कई मांगों को लेकर दोपहर 12 बजे रेल यातायात रोकने का ऐलान किया था। हालांकि, इस बीच डीआईजी, डिप्टी कमिश्नर और एसएसपी समेत प्रशासनिक अधिकारियों के साथ लगातार बातचीत चलती रही।

बाढ़ मुआवजे की प्रक्रिया आज से शुरू करने का भरोसा

एसएसपी कार्यालय में हुई बैठक में प्रशासन ने किसान नेताओं को भरोसा दिलाया कि बाढ़ प्रभावितों के मुआवजे की राशि जारी करने की प्रक्रिया मंगलवार से ही शुरू की जा रही है। इसके अलावा 2024 में ओलावृष्टि से हुए नुकसान के मुआवजे के लिए संबंधित अधिकारी किसानों से संपर्क कर बैंक खातों की जानकारी जुटा रहे हैं।

माहल ने कहा कि इन दोनों प्रमुख मांगों पर सरकार की सहमति बनने के बाद किसान संगठनों ने आंदोलन फिलहाल स्थगित करने का निर्णय लिया। पंजाब स्तर की अन्य मांगों को लेकर अब कृषि मंत्री के साथ चंडीगढ़ में बैठक की जाएगी।

13-14 जिलों से पहुंचने वाले थे किसान

माहल के अनुसार, प्रस्तावित रेल रोको आंदोलन में पंजाब के करीब 13 से 14 जिलों से किसान अमृतसर पहुंचने वाले थे। प्रशासन के आश्वासन के बाद प्रदेश और जिला स्तर के किसान नेताओं के साथ ऑनलाइन बैठक हुई, जिसमें आंदोलन स्थगित करने पर सहमति बनी।

15 अगस्त के बाद फिर होगी बैठक

एसएसपी अमृतसर कंवलप्रीत सिंह चहल ने बताया कि किसान नेताओं के साथ डीआईजी, डिप्टी कमिश्नर और सिविल प्रशासन के अधिकारियों की बैठक सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई। किसानों की मांगों को संबंधित विभागों और मंत्रालयों को लिखित रूप में भेजा गया है।

उन्होंने कहा कि 15 अगस्त के बाद किसानों के साथ दोबारा बैठक कर उनकी मांगों पर चर्चा की जाएगी। एसएसपी के मुताबिक बड़ी संख्या में किसानों को मुआवजे का भुगतान पहले ही किया जा चुका है, जबकि बाकी लाभार्थियों की सूचियां तैयार हैं और उन्हें भी जल्द मुआवजा जारी किया जाएगा।