डेराबस्सी : डेराबस्सी और लालड़ू क्षेत्र में तेजी से बढ़ती आबादी और विद्यार्थियों की शैक्षणिक जरूरतों को देखते हुए सरकारी स्कूलों को अपग्रेड करने की दिशा में पंजाब सरकार ने कदम बढ़ाने का भरोसा दिया है। पंजाब विधानसभा में विधायक कुलजीत सिंह रंधावा द्वारा मामला उठाए जाने पर शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि जिन स्कूलों के पास पर्याप्त भूमि और स्थान उपलब्ध होगा, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर उच्च स्तर तक अपग्रेड करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
शिक्षा मंत्री ने माना कि डेराबस्सी और लालड़ू जैसे शहरी क्षेत्रों में आबादी लगातार बढ़ रही है, जिसके कारण मौजूदा स्कूलों पर विद्यार्थियों का दबाव भी बढ़ा है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में विभाग के पास पहले औपचारिक मांग नहीं आई थी, लेकिन विकास कार्यों के लिए फंड की कोई कमी नहीं है।
दसवीं के बाद कई किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा विद्यार्थियों को
विधानसभा में चर्चा के दौरान विधायक रंधावा ने क्षेत्र के विद्यार्थियों को पेश आ रही दूरी और आवागमन की समस्या भी सामने रखी। मकंदपुर सरकारी हाई स्कूल में करीब 800 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। मियांपुर, बिज्जनपुर, खेड़ी गुजरां, दंदराला और तोगापुर सहित आसपास के गांवों के विद्यार्थियों को दसवीं के बाद सीनियर सेकेंडरी शिक्षा के लिए करीब सात किलोमीटर दूर डेराबस्सी जाना पड़ता है।
इसी तरह धर्मगढ़ हाई स्कूल में बल्लोपुर, तोफापुर, जस्ताना कलां और जस्ताना खुर्द सहित आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थी पढ़ते हैं। आगे की पढ़ाई के लिए उन्हें करीब छह किलोमीटर दूर लालड़ू जाना पड़ता है, जबकि लालड़ू का स्कूल पहले से ही दो शिफ्टों में संचालित हो रहा है।
बलटाना के 450 विद्यार्थियों को भी लंबा सफर
बलटाना हाई स्कूल में करीब 450 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। दसवीं के बाद इन्हें आगे की शिक्षा के लिए लगभग आठ किलोमीटर दूर लोहगढ़, दयालपुरा या भबात जाना पड़ता है। विधायक ने कहा कि क्षेत्र में आबादी बढ़ने के साथ स्थानीय स्तर पर सीनियर सेकेंडरी स्कूलों की जरूरत भी बढ़ी है।
शिक्षा मंत्री ने जिला शिक्षा अधिकारी, साहिबजादा अजीत सिंह नगर को स्थानीय विधायक के साथ समन्वय कर संबंधित स्कूलों में उपलब्ध भूमि और बुनियादी ढांचे की स्थिति जांचने के निर्देश देने की बात कही। रिपोर्ट के आधार पर स्कूलों के अपग्रेडेशन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य विद्यार्थियों को उनके घरों के नजदीक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाना है, ताकि उन्हें उच्च कक्षाओं की पढ़ाई के लिए लंबी दूरी तय न करनी पड़े।