चंडीगढ़ : स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर चंडीगढ़ पुलिस ने सोमवार को सेक्टर-17 स्थित होटल ताज में सुरक्षा व्यवस्था और आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए व्यापक मॉक ड्रिल की। ऑपरेशंस सेल की ओर से आयोजित इस अभ्यास में बम की सूचना मिलने से लेकर संदिग्ध विस्फोटक को तलाशने, इलाके को खाली कराने और उसे सुरक्षित तरीके से निस्तारित करने तक की पूरी प्रक्रिया को दोहराया गया।
मॉक ड्रिल एसपी/ऑपरेशंस गीता अंजलि खंडेलवाल, आईपीएस के दिशा-निर्देशन और डीएसपी/ऑपरेशंस रणजोध सिंह की निगरानी में हुई। अभ्यास के दौरान होटल के बैंक्वेट हॉल के पास एक संदिग्ध विस्फोटक उपकरण रखे होने की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही ऑपरेशंस सेल के कमांडोज ने आसपास के क्षेत्र को घेरकर लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
इसके बाद चंडीगढ़ पुलिस की HIT टीम, बम डिटेक्शन स्क्वायड और डॉग स्क्वायड ने संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन चलाया। तलाशी के दौरान बैंक्वेट हॉल के पास लेटर बॉक्स के नजदीक एक डमी आईईडी बरामद की गई। इसके बाद पूरे इलाके की गहन तलाशी लेकर यह सुनिश्चित किया गया कि वहां कोई अन्य संदिग्ध वस्तु मौजूद न हो।
मॉक ड्रिल में क्यूआरटी, पीसीआर, डायल-112, फायर ब्रिगेड, सिविल डिफेंस, मोबाइल फोरेंसिक टीम, डिस्ट्रिक्ट क्राइम सेल, क्राइम ब्रांच, थाना सेक्टर-17 पुलिस, एसडीपीओ सेंट्रल सहित जीएमएसएच-16 और पुलिस अस्पताल सेक्टर-26 की एंबुलेंस सेवाओं ने हिस्सा लिया। सभी एजेंसियों ने मौके पर पहुंचकर आपसी तालमेल के साथ कार्रवाई की।
बरामद डमी आईईडी को निर्धारित एसओपी के तहत सैंडबैग वाहन में सुरक्षित तरीके से पुलिस लाइंस सेक्टर-26 स्थित खुले मैदान में ले जाया गया। पीसीआर वाहनों ने पायलट और एस्कॉर्ट प्रदान किया। इसके बाद होटल परिसर की अंतिम सैनिटाइजेशन सर्च की गई और मॉक ड्रिल सफलतापूर्वक पूरी हुई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस तरह के मॉक ड्रिल का उद्देश्य किसी भी संभावित आतंकी या विस्फोटक संबंधी आपात स्थिति में पुलिस और अन्य आपातकालीन एजेंसियों की तत्काल प्रतिक्रिया, आपसी समन्वय और ऑपरेशनल तैयारियों को मजबूत करना है। स्वतंत्रता दिवस को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता करने के लिए ऐसे अभ्यास आगे भी जारी रहेंगे।