चंडीगढ़ : सेक्टर-43 स्थित चंडीगढ़ न्यायिक अकादमी में सोमवार को सामुदायिक मध्यस्थों के लिए 40 घंटे का मध्यस्थता प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। यह कार्यक्रम नालसा के तत्वावधान में राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, यूटी चंडीगढ़ द्वारा आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण में कुल 17 सामुदायिक मध्यस्थ हिस्सा ले रहे हैं।
कार्यक्रम का उद्घाटन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, यूटी चंडीगढ़ के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-सह-सचिव सुनील कुमार ने किया। उन्होंने कहा कि सामुदायिक मध्यस्थता गांव और स्थानीय स्तर पर होने वाले छोटे-मोटे विवादों को बातचीत के जरिए सुलझाने का प्रभावी माध्यम है। इससे लोगों को अनावश्यक रूप से पुलिस थानों और अदालतों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी तथा समाज में आपसी सद्भाव और भाईचारा मजबूत होगा।
प्रशिक्षण का संचालन अधिवक्ता मनजीत कौर कोटिया और अधिवक्ता सीमा पसरीचा कर रही हैं। दोनों दिल्ली स्थित MCPC में सूचीबद्ध प्रमाणित मास्टर ट्रेनर्स हैं और मध्यस्थता के क्षेत्र में व्यापक अनुभव रखती हैं। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मध्यस्थता तकनीक, संवाद कौशल, नैतिकता और व्यावहारिक रोल-प्ले के माध्यम से विवाद समाधान के गुर सिखाए जाएंगे।
प्रशिक्षण पूरा होने के बाद प्रतिभागियों को आवश्यक प्रमाण पत्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, यूटी चंडीगढ़ के सदस्य सचिव अरुण कुमार अग्रवाल द्वारा प्रदान किए जाएंगे। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने कहा कि समुदाय स्तर पर विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान को बढ़ावा देने और वैकल्पिक विवाद समाधान व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ऐसे कार्यक्रम आगे भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।