कांगड़ा में आयोजित बच्चों के डांस प्रतियोगिता समारोह में जीरकपुर-डेराबस्सी क्षेत्र में लंबे समय से समाजसेवा करने वाले सोनू सेठी को सम्मानित किया गया। चार नि:शुल्क एंबुलेंस सेवा, सैकड़ों लावारिस शवों के अंतिम संस्कार, मानसिक रूप से कमजोर लोगों को आश्रम पहुंचाने और हजारों पौधे लगाने के कार्यों के लिए उन्हें यह सम्मान मिला। मंच से उन्होंने इंसानियत को सबसे बड़ा धर्म बताते हुए भाईचारे का संदेश दिया।

अंबाला : पिछले दिनों कांगड़ा में हुए एक बच्चों के डांस कंपटीशन में पिछले 19 सालों से जीरकपुर डेरा बस्सी हल्के में चार फ्री एम्बुलेंस सेवा, सैकड़ो लावारिस डेडबॉडी के संस्कार,सैकड़ो मंद बुद्धि लोगों को मंदबुद्धि आश्रम में छोड़कर आना व इलाके में हजारों पौधे लगाने की एवज में सम्मानित किया गया।

इस मौके पर सोनू सेठी ने स्टेज पर मंदाकिनी जी की तारीफ करते हुए उनकी 40 साल पहले आई हुई फिल्म राम तेरी गंगा मैली का जिक्र करते हुए कहा कि उस वक्त हमारी उम्र 10 साल थी और हम स्कूल के सालाना फंक्शन में इनके गानों पर डांस किया करते थे आज हमें बड़ा गर्व हो रहा है आज उन्हीं से हम सम्मानित हो रहे हैं इस मौके पर सोनू सेठी ने कहा की दुनिया में सबसे बड़ा धर्म है इंसानियत हमें धर्म के झगड़े छोड़कर इंसानियत का साथ देना चाहिए इतनी बात सुनकर गदगद भरे हाल में तालिया की गड़गड़ाहट सुनाई देने लगी