इंफाल पूर्वी और पश्चिमी जिलों में अलग-अलग तलाशी अभियानों के दौरान सुरक्षा बलों और पुलिस ने बड़ी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और हथगोले बरामद किए। लांगडुम लामखाई में अवैध स्थानीय शराब की आपूर्ति के आरोप में तीन लोगों को हिरासत में लेकर 810 लीटर शराब और तीन वाहन जब्त किए गए। वहीं खैरुम सबल और पोटशांगबाम खुनौ में हथियारों व ग्रेनेड का बड़ा जखीरा मिला।

इंफाल (Naren Danu) : मणिपुर में सुरक्षा बलों और पुलिस ने रविवार को अलग-अलग अभियानों में बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और हथगोले बरामद किए। वहीं, अवैध रूप से स्थानीय शराब की आपूर्ति करने के आरोप में तीन लोगों को हिरासत में लिया गया। सुरक्षा एजेंसियों ने विभिन्न स्थानों से हथियारों के साथ बड़ी मात्रा में कारतूस और अन्य सैन्य सामग्री भी जब्त की है।

इंफाल पूर्वी जिले के इरिलबुंग थाना क्षेत्र के लांगडुम लामखाई में तलाशी और जांच अभियान के दौरान सीडीओ/इंफाल ईस्ट की टीम ने स्थानीय शराब के अवैध परिवहन और आपूर्ति में कथित संलिप्तता के आरोप में तीन लोगों को हिरासत में लिया। उनकी पहचान युमखैबाम जीनेन सिंह उर्फ मेकोला (28), युमखैबाम सुनील सिंह उर्फ नाओतोम्बा (23) और चिंगाखाम रोमियो सिंह (23) के रूप में हुई है। उनके कब्जे से 810 लीटर स्थानीय शराब और तीन कारें बरामद की गईं।

पटसोई में हथियारों का बड़ा जखीरा मिला

एक अन्य अभियान में इंफाल वेस्ट कमांडो, पटसोई थाना और 33 असम राइफल्स की संयुक्त टीम ने पटसोई थाना क्षेत्र के खैरुम सबल में तलाशी अभियान चलाया। यहां से आठ एसबीबीएल बंदूकें, मैगजीन सहित एक 9 एमएम पिस्तौल और एक एंटी-रायट गन बरामद की गई।

सुरक्षा बलों को मौके से डेटोनेटर के बिना तीन नंबर-36 एचई ग्रेनेड और एक डब्ल्यूपी ग्रेनेड भी मिला। इसके अलावा एसएलआर, इंसास और .303 हथियारों की छह खाली मैगजीन, 86 अलग-अलग प्रकार के कारतूस, छह एंटी-रायट शेल, एक वाहन संचार सेट और दो हैंडहेल्ड सेट भी जब्त किए गए।

हेइंगांग में पिस्तौल, बैरल गन और 20 ग्रेनेड बरामद

इसी दिन इंफाल पूर्वी जिले के हेइंगांग थाना क्षेत्र के पोटशांगबाम खुनौ की तलहटी में मणिपुर पुलिस ने एक और तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान मैगजीन सहित एक .32 पिस्तौल, एक स्थानीय रूप से निर्मित बैरल गन और 20 नंबर-36 हैंड ग्रेनेड बरामद किए गए।

सुरक्षा बलों की ओर से लगातार चलाए जा रहे इन अभियानों को मणिपुर में अवैध हथियारों और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है।