एमएस एन्क्लेव के निवासियों ने आरोप लगाया कि सीवरेज सफाई के बाद निकला गंदा मलबा निर्धारित स्थान पर ले जाने के बजाय निजी प्लॉट में डाल दिया गया। खुले में पड़े अपशिष्ट से दुर्गंध और मक्खी-मच्छरों का खतरा बढ़ गया है। लोगों ने नगर परिषद से मलबा तत्काल हटवाने और जिम्मेदारी तय करने की मांग की। विभागीय एसडीओ ने कहा कि निजी प्लॉट में मलबा डालना नियमों के खिलाफ है।

जीरकपुर : शहर में स्वच्छता व्यवस्था को लेकर एमएस एन्क्लेव के निवासियों ने सवाल उठाए हैं। यहां सीवरेज की सफाई के बाद निकला गंदा मलबा कथित तौर पर निर्धारित स्थान पर पहुंचाने के बजाय रिहायशी क्षेत्र के बीच स्थित एक निजी प्लॉट में डाल दिया गया। खुले में पड़े सीवरेज अपशिष्ट से आसपास दुर्गंध फैलने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों ने नगर परिषद से तत्काल मलबा हटवाने के साथ मामले की जांच की मांग की है।

स्थानीय निवासी एडवोकेट वाणी सिंह ने आरोप लगाया कि उनके घर के नजदीक हरपाल यादव नामक व्यक्ति ने सीवरेज की सफाई करवाई थी। आरोप है कि सफाई के दौरान निकले मलबे को उचित तरीके से निस्तारित करने के बजाय पास के एक निजी प्लॉट में डलवा दिया गया। प्लॉट के चारों ओर मकान होने के कारण इसका सीधा असर वहां रहने वाले परिवारों पर पड़ रहा है।

दुर्गंध के बीच घरों में रहना हुआ मुश्किल

वाणी सिंह के अनुसार मलबे से उठ रही दुर्गंध के कारण आसपास के घरों में लोगों का रहना मुश्किल हो रहा है। लंबे समय तक अपशिष्ट खुले में पड़ा रहा तो मक्खी-मच्छरों की समस्या भी बढ़ सकती है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि सीवरेज की सफाई जरूरी है, लेकिन उससे निकलने वाले अपशिष्ट का वैज्ञानिक और निर्धारित तरीके से निस्तारण भी उतना ही जरूरी है।

स्थानीय निवासी सुजाता, पायल, उषा, साहिल, पूनम शर्मा और गीत ने भी समस्या पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि रिहायशी इलाके के खाली या निजी प्लॉटों को इस तरह सीवरेज का मलबा फेंकने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। प्रशासन को शिकायत मिलने के बाद मौके का निरीक्षण करवाकर मलबा हटवाना चाहिए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।

नियमों की अनदेखी हुई तो दूसरे खाली प्लॉट भी बन सकते हैं डंपिंग स्थल

क्षेत्रवासियों ने चिंता जताई कि यदि इस तरह सीवरेज का मलबा खाली प्लॉटों में डालने पर रोक नहीं लगी तो दूसरे इलाकों में भी ऐसी प्रवृत्ति बढ़ सकती है। इससे शहर में खाली पड़े निजी प्लॉट अनधिकृत डंपिंग स्थलों में तब्दील हो सकते हैं। लोगों ने नगर परिषद से यह भी सुनिश्चित करने की मांग की कि निजी तौर पर करवाई जाने वाली सीवरेज या सेप्टिक टैंक की सफाई से निकलने वाला अपशिष्ट केवल निर्धारित स्थान पर ही पहुंचाया जाए।

वाणी सिंह ने कहा कि किसी दूसरे व्यक्ति की निजी जमीन पर बिना अनुमति गंदा मलबा डालना उचित नहीं है। उन्होंने नगर परिषद और संबंधित विभाग से मामले की जांच कर जिम्मेदारी तय करने तथा प्लॉट से मलबा जल्द हटवाने की मांग की है।

बॉक्स : खुले में या निजी प्लॉट में नहीं फेंक सकते मलबा : एसडीओ

सीवरेज विभाग के एसडीओ अतुल शर्मा ने कहा कि सीवरेज की सफाई के बाद निकलने वाले गंदे मलबे को खुले में अथवा किसी निजी प्लॉट में नहीं फेंका जा सकता। इसके निस्तारण के लिए नगर परिषद जीरकपुर की ओर से निर्धारित स्थान होना चाहिए और मलबा वहीं डाला जाना चाहिए। यदि कोई नियमों का उल्लंघन कर सीवरेज का मलबा खुले में या निजी जमीन पर डालता है तो इसकी शिकायत नगर परिषद के संबंधित विभाग को की जानी चाहिए, ताकि नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जा सके।