चंडीगढ़ (अजीत झा.) : भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के बीच चंडीगढ़ पुलिस के एक एएसआई पर जांच के दौरान आरोपी के पैसों और बैंक कार्ड का कथित तौर पर निजी इस्तेमाल करने के गंभीर आरोप लगे हैं। मामला सामने आने के बाद विभाग ने सेक्टर-17 थाने में तैनात एएसआई आशीष प्रताप सिंह को निलंबित कर दिया है। उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
मामला सेक्टर-17 स्थित स्काई हाई इमिग्रेशन से जुड़े धोखाधड़ी के केस की जांच से संबंधित है। पुलिस ने इस मामले में तत्कालीन संचालकों शांतनु और बलजिंदर के खिलाफ केस दर्ज किया था। मामले की जांच एएसआई आशीष प्रताप सिंह को सौंपी गई थी। दोनों आरोपियों को पुलिस ने डेराबस्सी से गिरफ्तार किया था।
बरामद सामान का पूरा रिकॉर्ड नहीं बनाने का आरोप
शिकायत के मुताबिक गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों से एक कार, बाइक और नकदी बरामद हुई थी। आरोप है कि आरोपियों को थाने लाने के बाद बरामद वाहनों और नकदी का पूरा विवरण पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज नहीं किया गया।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि बरामद नकदी का इस्तेमाल किया गया। इसके अलावा आरोपी के क्रेडिट और डेबिट कार्ड का कथित तौर पर निजी कामों के लिए इस्तेमाल किया गया। आरोप है कि इन कार्डों से एएसआई ने अपनी निजी कार की सर्विस, खरीदारी और अन्य व्यक्तिगत भुगतान किए।
ब्लैंक चेक पर हस्ताक्षर कराने का आरोप
मामले में एक और गंभीर आरोप ब्लैंक चेक से जुड़ा है। शिकायत के अनुसार जांच के दौरान आरोपी शांतनु से कुछ चेकों पर हस्ताक्षर करवाए गए। आरोप है कि बाद में उसकी जानकारी के बिना इन्हीं चेकों को उसके खिलाफ शिकायत करने वाले व्यक्ति को दे दिया गया।
शिकायतकर्ता ने कथित तौर पर इन चेकों को बैंक में प्रस्तुत किया। चेक बाउंस होने के बाद कानूनी कार्रवाई शुरू की गई। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि चेक पर दर्ज तारीख उस अवधि की थी, जब संबंधित चेक बैंक की ओर से जारी भी नहीं किए गए थे।
जमानत के बाद आरोपी ने दी वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत
जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद शांतनु को कथित घटनाक्रम की जानकारी मिली। इसके बाद उसने चंडीगढ़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत देकर पूरे मामले की जांच की मांग की।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि इमिग्रेशन कार्यालय के संचालन को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले से विवाद था और इसी विवाद के बाद उसके खिलाफ पुलिस कार्रवाई हुई। शांतनु ने पुलिस जांच के दौरान अपने हस्ताक्षरित चेकों के कथित दुरुपयोग और एएसआई की भूमिका पर सवाल उठाए।
शिकायत के आधार पर हुई प्रारंभिक जांच में आरोपों को गंभीर मानते हुए विभाग ने एएसआई आशीष प्रताप सिंह को निलंबित कर दिया है। मामले में विभागीय जांच जारी है। हालांकि, आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।