चंडीगढ़ : शहर में बिजली निरीक्षण और प्रवर्तन कार्रवाई के दौरान बिजली कंपनी की एनफोर्समेंट टीम द्वारा कथित तौर पर उपभोक्ताओं के घरों में प्रवेश किए जाने को लेकर सवाल उठने लगे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता राज चड्ढा ने इस मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) चंडीगढ़ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन को पत्र भेजकर प्रशासन के स्तर पर हस्तक्षेप की मांग की है।
राज चड्ढा ने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में बिजली निरीक्षण के नाम पर एनफोर्समेंट टीम बिना पूर्व सूचना के लोगों के घरों में प्रवेश करती है। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाई से नागरिकों में भय और असहजता की स्थिति पैदा हो सकती है। हालांकि, इन आरोपों पर बिजली कंपनी या संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने नहीं आया है।
कानूनी प्रक्रिया और पारदर्शिता की मांग
पत्र में राज चड्ढा ने कहा कि बिजली की जांच और प्रवर्तन कार्रवाई के दौरान पारदर्शी एवं निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाना जरूरी है। उनके अनुसार किसी व्यक्ति के घर में प्रवेश उसकी निजता और गरिमा से जुड़ा संवेदनशील विषय है। इसलिए निरीक्षण टीमों को कानून के दायरे में रहकर ही कार्रवाई करनी चाहिए।
उन्होंने संविधान के तहत नागरिकों को प्राप्त गरिमा के साथ जीवन जीने और निजता के अधिकार का हवाला देते हुए कहा कि किसी परिसर में प्रवेश या निरीक्षण के लिए स्पष्ट नियम और प्रक्रिया निर्धारित होनी चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि बिजली कंपनी की एनफोर्समेंट टीम द्वारा की जाने वाली कार्रवाई की वैधानिक सीमाएं उपभोक्ताओं के सामने स्पष्ट की जाएं।
प्रशासन से स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग
राज चड्ढा ने संजय टंडन से आग्रह किया कि इस मुद्दे को चंडीगढ़ प्रशासन और संबंधित विभागों के समक्ष उठाया जाए। उन्होंने बिजली निरीक्षण के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश तैयार करने की मांग की, ताकि उपभोक्ताओं को कार्रवाई की प्रक्रिया और उनके अधिकारों की जानकारी हो सके।
उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान मनमाने तरीके से घर में प्रवेश, कथित उत्पीड़न, डराने-धमकाने या अधिकारों के दुरुपयोग की किसी भी संभावना को रोकने के लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए। साथ ही यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि किन परिस्थितियों में बिजली कंपनी की टीम किसी उपभोक्ता के परिसर में प्रवेश कर सकती है और इसके लिए कौन-सी कानूनी प्रक्रिया अपनाई जानी आवश्यक है।
राज चड्ढा ने मामले को जनहित से जुड़ा मुद्दा बताते हुए प्रशासन से बिजली संबंधी जांच और प्रवर्तन कार्रवाई में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के साथ-साथ नागरिकों की निजता, गरिमा और कानूनी अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।