सांसद निधि से विकसित पार्क का मनीष तिवारी ने किया उद्घाटन; बोले, वरिष्ठ नागरिकों के लिए बैठने, मेलजोल और स्वास्थ्यवर्धक गतिविधियों का मिलेगा बेहतर स्थान। बढ़ती बुजुर्ग आबादी को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकारों से व्यापक कानूनी ढांचा तैयार करने की अपील की। कहा, जिन्होंने परिवार और देश के विकास में योगदान दिया, उनकी शारीरिक व मानसिक सेहत की जिम्मेदारी भी समाज और सरकार की है।

चंडीगढ़ : चंडीगढ़ से सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ राष्ट्रीय प्रवक्ता मनीष तिवारी ने चंडीगढ़ के सेक्टर-63 में विकसित किए गए पार्क का उद्घाटन किया। इस पार्क के विकास के लिए उन्होंने अपने संसदीय कोटे से ग्रांट जारी की थी।

इस अवसर पर संबोधित करते हुए, तिवारी ने कहा कि इस पार्क को इस तरह विकसित किया गया है कि यह एक ‘शहरी सथ’ के रूप में काम कर सके। यहां वरिष्ठ नागरिक एक साथ बैठ सकें, आपस में बातचीत कर सकें और मनोरंजन से जुड़ी ऐसी गतिविधियों में शामिल हो सकें, जो उनके स्वास्थ्य और दीर्घायु के लिए लाभदायक हों।

तिवाड़ी ने जोर देते हुए, कहा कि बड़ी आबादी के साथ-साथ भारत में बुजुर्ग आबादी भी बहुत तेजी से बढ़ रही है। इसलिए हमें एक व्यापक कानूनी ढांचा तैयार करने की आवश्यकता है, ताकि वरिष्ठ और अति वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य एवं मानसिक तंदुरुस्ती को सुनिश्चित किया जा सके। इन बुजुर्गों ने अपना पूरा जीवन अपने परिवारों की बेहतरी के लिए समर्पित किया है और देश के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

इस अवसर पर तिवारी ने सरकार से अपील की कि एक उचित कानूनी ढांचा लागू किया जाए, जिसके तहत केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा बुजुर्ग नागरिकों की शारीरिक एवं मानसिक तंदुरुस्ती का पूरा ध्यान रखा जा सके। उन्होंने इस अवसर पर पहुंचे स्थानीय निवासियों से बातचीत की और उनका हाल चाल जाना। उन्होंने चंडीगढ़ की बेहतरी और देश के विकास को लेकर उनके विचार भी सुने।

इस अवसर पर अन्य के अलावा, पूर्व मेयर रविंद्र पाल सिंह, चंद्रमुखी शर्मा, आरडब्ल्यूए-2 के चेयरमैन मनीष कुमार भारद्वाज, अध्यक्ष सतीश कुमार गुप्ता, सीनियर सिटीजन कमेटी के अध्यक्ष रणजीत सिंह तेवतिया, सीनियर सिटीजन कमेटी के सचिव पवन केसरी, आरडब्ल्यूए-2 (बीएचके) के सचिव डॉ. सुधीर मलिक, समिति सदस्य एन.पी. तिवारी, गुरप्रताप सिंह भट्टी, शिराज शर्मा, सुखविंदर सिंह, आरडब्ल्यूए-3 (बीएचके) के अध्यक्ष परमजीत सिंह बैनीपाल और आरडब्ल्यूए-1 (बीएचके) के अध्यक्ष जगबीर सिंह राठी भी मौजूद रहे।