होशियारपुर (दलजीत अजनोहा) : पूर्व सांसद अविनाश राय खन्ना ने कहा कि पंजाब सरकार एक तरफ प्रदेश की सभी महिलाओं को 1000-1500 रूपए प्रतिमाह देने की बात करती है और दूसरी तरफ लोगों द्वारा अप्लाई किये गए जाती, रिहायशी और आमदन सम्बन्धी सर्टिफिकेट सरकारी तंत्र में 3-3 माह से लंबित हैं। खन्ना ने कहा कि प्रदेश में स्थापित किए गए सुविधा केंद्र आज जनता के लिए ‘दुविधा केंद्र’ साबित हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आम नागरिक अपने जरूरी दस्तावेज और प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सुविधा केंद्रों के चक्कर काटने को मजबूर हैं, लेकिन कई स्थानों पर जाति, आय और रिहायश से संबंधित प्रमाण पत्र समय पर जारी नहीं किए जा रहे। खन्ना ने कहा कि पंजाब सरकार की योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए लोगों को आवश्यक दस्तावेज तैयार करवाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में महिलाओं और आम जनता को राहत देना चाहती है तो सबसे पहले सरकारी सेवाओं को सुचारु एवं पारदर्शी बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जाति, आय और रिहायश प्रमाण पत्र विद्यार्थियों, नौकरी के आवेदकों, पेंशन लाभार्थियों तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वाले नागरिकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण दस्तावेज हैं। इन प्रमाण पत्रों के जारी होने में अनावश्यक देरी के कारण लोगों के महत्वपूर्ण कार्य रुक रहे हैं, विद्यार्थियों की पढाई में विघ्न पड़ रहा है और उन्हें बार-बार सरकारी कार्यालयों तथा सुविधा केंद्रों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
पूर्व सांसद ने पंजाब सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सभी सुविधा केंद्रों में प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को तत्काल सुचारु किया जाए, लंबित आवेदनों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित किया जाए तथा नागरिकों को अनावश्यक परेशानी से बचाने के लिए अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए अन्यथा जनता की आवाज को प्रदेश के राज्यपाल व मानवाधिकार आयोग के समक्ष उठाया जायेगा,