असम के तामुलपुर में एसटीएफ ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए हाथी के दो दांतों के साथ दो लोगों को गिरफ्तार किया। बरामद दांतों का कुल वजन करीब 4.06 किलोग्राम है। पुलिस के अनुसार आरोपी कथित तौर पर इन्हें करीब छह लाख रुपये में बेचने की कोशिश कर रहे थे। गिरफ्तार आरोपितों और बरामद सामान को वन विभाग को सौंपकर जांच शुरू कर दी गई है।

गुवाहाटी (Naren Danu) : असम में वन्यजीवों के खिलाफ चल रही अवैध तस्करी पर बड़ी कार्रवाई करते हुए स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने तामुलपुर में हाथी दांत की तस्करी के कथित प्रयास का पर्दाफाश किया है। टीम ने अभियान के दौरान करीब चार किलोग्राम वजन वाले हाथी के दो दांत बरामद करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है।

एसटीएफ को सूचना मिली थी कि तामुलपुर के बंगालीपाड़ा इलाके में हाथी दांतों की अवैध खरीद-फरोख्त की तैयारी चल रही है। इसके बाद टीम ने बीती रात इलाके में घेराबंदी कर कार्रवाई की और दो संदिग्धों को हिरासत में लिया।

दो दांत, करीब 4 किलो वजन

तलाशी के दौरान एसटीएफ को हाथी के दो दांत मिले। बरामद दांतों में एक का वजन 2.09 किलोग्राम और दूसरे का 1.97 किलोग्राम बताया गया है। दोनों का कुल वजन करीब 4.06 किलोग्राम है।

गिरफ्तार किए गए आरोपितों की पहचान ग्वहवाम बसुमतारी (29) और स्वदवाबमा बसुमतारी (23) के रूप में हुई है। दोनों तामुलपुर के रहने वाले बताए गए हैं।

₹6 लाख में सौदे की तैयारी का आरोप

पूछताछ के दौरान जांच एजेंसियों को कथित तौर पर पता चला कि आरोपी हाथी दांतों को करीब छह लाख रुपये में बेचने की कोशिश कर रहे थे। बताया गया है कि इसके लिए लगभग 1.5 लाख रुपये प्रति किलोग्राम की दर से सौदा तय होने की बात सामने आई है।

एसटीएफ अब यह पता लगाने में जुटी है कि हाथी दांत आरोपितों तक कैसे पहुंचे और इस अवैध कारोबार में इनके पीछे कौन लोग सक्रिय हैं।

आरोपियों को वन विभाग के हवाले किया गया

कार्रवाई पूरी होने के बाद एसटीएफ ने गिरफ्तार आरोपितों, बरामद हाथी दांतों और अन्य जब्त सामान को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए वन विभाग को सौंप दिया। मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

तस्करी के बड़े नेटवर्क की तलाश तेज

जांच एजेंसियां अब इस मामले को केवल स्थानीय तस्करी तक सीमित न मानते हुए इसके संभावित अंतरराज्यीय और देशव्यापी नेटवर्क की कड़ियां तलाश रही हैं। अधिकारियों का फोकस यह पता लगाने पर है कि हाथी दांत कहां से हासिल किए गए, इन्हें कहां पहुंचाया जाना था और इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

एसटीएफ ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीव अपराध के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और संगठित तस्करी नेटवर्क से जुड़े लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी।