नई दिल्ली (Naren Danu) : भारत और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के बीच रणनीतिक रिश्तों को नई गति देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने फिलीपींस की राजधानी मनीला में आयोजित भारत-आसियान पोस्ट-मिनिस्ट्रियल कॉन्फ्रेंस 2026 की सह-अध्यक्षता की। यह बैठक 59वें आसियान दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों का हिस्सा रही।
बैठक के दौरान भारत की ओर से सभी आसियान सदस्य देशों को शुभकामनाएं दी गईं। इसके साथ ही दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय सहयोग और भारत-आसियान संबंधों को और व्यापक एवं प्रभावी बनाने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।
'एक्ट ईस्ट' नीति के तहत रिश्तों को नई रफ्तार
भारत ने बैठक में अपनी 'एक्ट ईस्ट' नीति के तहत दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के साथ संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। चर्चा में भारत और आसियान के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई गति देने और क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने पर विशेष जोर रहा।
जयशंकर ने कहा कि भारत-आसियान साझेदारी केवल कूटनीतिक संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यापार, तकनीक, सुरक्षा, शिक्षा और सांस्कृतिक जुड़ाव तक लगातार विस्तार कर रही है।
कनेक्टिविटी से डिजिटल लिंक तक, सहयोग का बढ़ेगा दायरा
बैठक के बाद विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर भारत-आसियान संबंधों को लेकर भारत की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि 'एक्ट ईस्ट' नीति के तहत कनेक्टिविटी, व्यापार, डिजिटल लिंकेज, मजबूत सप्लाई चेन, रक्षा, शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के माध्यम से दोनों पक्षों की व्यापक रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है।
उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में भारत और आसियान के रिश्ते और अधिक मजबूत, व्यापक और महत्वाकांक्षी बनेंगे।
इंडो-पैसिफिक में शांति और स्थिरता पर जोर
जयशंकर ने कहा कि मजबूत भारत-आसियान संबंध पूरे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
मनीला में हुई यह बैठक ऐसे समय में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जब भारत दक्षिण-पूर्व एशिया के साथ अपने आर्थिक, रणनीतिक और सुरक्षा संबंधों को लगातार विस्तार दे रहा है। बैठक से भारत और आसियान के बीच भविष्य के सहयोग के लिए नई प्राथमिकताओं और संभावनाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है।