आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। भाजपा में आने के बाद पीएम मोदी के साथ यह उनकी पहली अहम मुलाकात मानी जा रही है। चड्ढा ने बातचीत को खास और ज्ञानवर्धक बताते हुए प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन के लिए आभार जताया। पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले मुलाकात ने राजनीतिक चर्चाएं तेज कर दी हैं।

नई दिल्ली (Naren Danu) : आम आदमी पार्टी से अलग होकर हाल ही में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हुए राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने शनिवार सुबह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। भाजपा में शामिल होने के बाद प्रधानमंत्री के साथ चड्ढा की यह पहली प्रमुख मुलाकात है, जिसे राजनीतिक गलियारों में काफी अहम माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया पर तस्वीर साझा करते हुए बातचीत को 'विस्तृत और ज्ञानवर्धक' बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री का समय देने और उनके विचारों एवं मार्गदर्शन से लाभ उठाने के लिए आभार व्यक्त किया।

'बहुमूल्य समय और मार्गदर्शन के लिए आभारी'

राघव चड्ढा ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि उन्हें प्रधानमंत्री से मिलने का सौभाग्य मिला और उनके साथ विस्तृत एवं ज्ञानवर्धक बातचीत हुई। उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा अपना बहुमूल्य समय देने और अपने विचारों व मार्गदर्शन से लाभ उठाने का अवसर देने के लिए आभार जताया।

2027 पंजाब चुनाव से पहले मुलाकात पर नजरें

राघव चड्ढा और प्रधानमंत्री मोदी की यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियां तेज होने की उम्मीद है। ऐसे में भाजपा में शामिल होने के बाद पंजाब की राजनीति में राघव चड्ढा की संभावित भूमिका को लेकर पहले से ही चर्चाएं चल रही हैं।

चड्ढा लंबे समय तक आम आदमी पार्टी के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे हैं और पंजाब से राज्यसभा सांसद हैं। ऐसे में उनके भाजपा में आने के बाद पंजाब की सियासत में समीकरणों को लेकर राजनीतिक विश्लेषकों की नजरें भी उन पर टिकी हुई हैं।

भाजपा में नई भूमिका को लेकर बढ़ी उत्सुकता

प्रधानमंत्री मोदी के साथ यह पहली महत्वपूर्ण मुलाकात चड्ढा के भाजपा में नए राजनीतिक अध्याय के लिहाज से भी अहम मानी जा रही है। हालांकि मुलाकात में किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन चड्ढा द्वारा इसे 'ज्ञानवर्धक' बताए जाने के बाद राजनीतिक हलकों में इसके अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं।

अब सबकी नजर इस बात पर है कि पंजाब की आगामी सियासत में भाजपा राघव चड्ढा को किस भूमिका में आगे बढ़ाती है।