इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में शनिवार से दो दिवसीय वेस्ट जोन रीजनल कॉन्फ्रेंस शुरू हो रहा है। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सम्मेलन में मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, मुख्यमंत्री मोहन यादव सहित सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न हाईकोर्ट के न्यायाधीश तथा विधिक सेवा प्राधिकरणों के अधिकारी शामिल होंगे।

इंदौर (Naren Danu) : देश की न्याय व्यवस्था और कानूनी सहायता को अधिक प्रभावी एवं सुलभ बनाने के उद्देश्य से इंदौर में शनिवार से दो दिवसीय वेस्ट जोन रीजनल कॉन्फ्रेंस का आयोजन शुरू हो रहा है। ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में होने वाले इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में न्यायपालिका और विधिक सेवा तंत्र से जुड़े देशभर के वरिष्ठ पदाधिकारी एक मंच पर जुटेंगे।

इस सम्मेलन का आयोजन राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA), नई दिल्ली, मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर तथा मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और CM मोहन यादव होंगे प्रमुख चेहरे

सम्मेलन में भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव समेत सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश, विभिन्न उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीश और वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी हिस्सा लेंगे।

इसके अलावा मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष, पश्चिमी क्षेत्र के विभिन्न उच्च न्यायालयों की विधिक सेवा समितियों के अध्यक्ष और पश्चिमी क्षेत्र के राज्य विधिक सेवा प्राधिकरणों के सदस्य सचिव भी सम्मेलन में भाग लेंगे।

न्याय तक पहुंच और विधिक सहायता पर केंद्रित रहेगा मंथन

दो दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन में न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श होने की संभावना है। खासतौर पर विधिक सेवा व्यवस्था को मजबूत करने, जरूरतमंदों तक कानूनी सहायता पहुंचाने और न्याय को अधिक सुलभ बनाने जैसे मुद्दों पर विशेषज्ञों एवं न्यायिक अधिकारियों के बीच चर्चा होगी।

सम्मेलन में न्यायिक अधिकारियों के साथ समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रतिष्ठित नागरिक भी शामिल होंगे, जिससे न्याय व्यवस्था से जुड़े विषयों पर व्यापक दृष्टिकोण सामने आने की उम्मीद है।

पश्चिमी राज्यों के विधिक सेवा तंत्र की बनेगी साझा रणनीति

इस क्षेत्रीय सम्मेलन को पश्चिमी भारत में विधिक सेवा प्राधिकरणों के बीच बेहतर समन्वय और अनुभव साझा करने के महत्वपूर्ण मंच के रूप में देखा जा रहा है। अलग-अलग राज्यों में लागू प्रभावी कानूनी सहायता मॉडलों और जमीनी स्तर की चुनौतियों पर चर्चा के जरिए भविष्य की रणनीति को और मजबूत करने पर जोर रहेगा।

दो दिवसीय सम्मेलन के दौरान न्यायपालिका, विधिक सेवा संस्थाओं और प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल के माध्यम से 'न्याय सबके लिए' की अवधारणा को और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण विचार सामने आने की उम्मीद है।