भारत की अध्यक्षता में आयोजित 10वीं ब्रिक्स उद्योग मंत्रियों की बैठक में तकनीक, हरित प्रौद्योगिकी, सतत विकास और औद्योगिक साझेदारी पर हुआ मंथन; सदस्य देशों ने संयुक्त घोषणा को सर्वसम्मति से स्वीकार किया, PartNIR मंच के जरिए एमएसएमई, स्टार्टअप, डिजिटल बदलाव और विनिर्माण क्षमता बढ़ाने पर दिया जोर; भारत ने मजबूत और आत्मनिर्भर औद्योगिक तंत्र के निर्माण का रखा विजन।

जयपुर (Naren Danu) : गुलाबी नगरी जयपुर से ब्रिक्स देशों ने भविष्य की औद्योगिक दुनिया के लिए नई साझेदारी का खाका तैयार किया। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता-2026 के तहत आयोजित 10वीं ब्रिक्स उद्योग मंत्रियों की बैठक में सदस्य देशों ने नई औद्योगिक क्रांति, तकनीकी नवाचार, सतत विकास और आपसी औद्योगिक सहयोग को मजबूत करने पर व्यापक मंथन किया। बैठक के समापन पर सभी देशों ने 10वीं ब्रिक्स उद्योग मंत्रियों की संयुक्त घोषणा को सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि जयपुर जहां अपनी सदियों पुरानी शिल्प एवं सांस्कृतिक विरासत के लिए प्रसिद्ध है, वहीं यह आधुनिक औद्योगिक विकास की संभावनाओं का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था में ब्रिक्स देशों को अपनी क्षमताओं का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर, मजबूत और प्रतिस्पर्धी औद्योगिक ढांचा तैयार करना होगा।

उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक क्रांति के लिए ब्रिक्स साझेदारी (PartNIR) अब सदस्य देशों के बीच तकनीक, नवाचार और औद्योगिक सहयोग बढ़ाने का प्रभावी मंच बन चुका है। भारत की अध्यक्षता का उद्देश्य केवल बैठकों तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसे स्थायी तंत्र तैयार करना है, जिनसे उद्योग, निवेश और तकनीकी सहयोग को दीर्घकालिक मजबूती मिल सके।

हरित तकनीक और डिजिटल बदलाव पर जोर

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि भविष्य की औद्योगिक अर्थव्यवस्था सहयोग, नवाचार, हरित तकनीक और आपसी विश्वास पर आधारित होगी। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देश इन क्षेत्रों में वैश्विक नेतृत्व की भूमिका निभाने की क्षमता रखते हैं।

बैठक में भारत ने PartNIR के तहत अपनी अध्यक्षता में हुई प्रगति का ब्योरा साझा किया। इसमें एमएसएमई सहयोग ढांचे को अंतिम रूप देना, फोटोवोल्टिक उद्योग के लिए कार्ययोजना तैयार करना और स्टार्टअप आधारित नवाचार को बढ़ावा देने की पहल शामिल रही।

इसके अलावा मजबूत परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स नेटवर्क, जीआईएस आधारित औद्योगिक योजना और शहरी लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को विकसित करने पर भी विशेष चर्चा हुई।

उद्योगों के लिए नई साझेदारी का रोडमैप

बैठक में ब्रिक्स देशों ने डिजिटल परिवर्तन, औद्योगिक आधुनिकीकरण, कौशल विकास, विनिर्माण क्षमता विस्तार और समावेशी औद्योगिक विकास जैसे मुद्दों पर अपने अनुभव साझा किए।

प्रतिनिधियों ने माना कि PartNIR ज्ञान के आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण और औद्योगिक नवाचार को बढ़ावा देने वाला महत्वपूर्ण मंच बन चुका है।

संयुक्त घोषणा में सदस्य देशों ने तकनीकी सहयोग बढ़ाने, सतत औद्योगिक विकास को गति देने और आपसी व्यापार एवं निवेश के नए अवसर तलाशने की प्रतिबद्धता जताई।

अब जयपुर में होगी ब्रिक्स व्यापार मंत्रियों की बैठक

भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत 7 अगस्त को जयपुर में 16वीं ब्रिक्स व्यापार मंत्रियों की बैठक आयोजित होगी। इसकी अध्यक्षता केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल करेंगे। बैठक में विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) आधारित व्यापार व्यवस्था, वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं को मजबूत करने, एमएसएमई की अंतरराष्ट्रीय भागीदारी बढ़ाने और डिजिटल व्यापार को बढ़ावा देने जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।

ब्रिक्स प्रतिनिधियों के लिए जयपुर के सिटी पैलेस और हवा महल के सांस्कृतिक भ्रमण का भी आयोजन किया जाएगा। भारत ने स्पष्ट किया है कि उसकी अध्यक्षता का लक्ष्य समावेशी, पारदर्शी और नियम आधारित वैश्विक व्यापार व्यवस्था को मजबूत करना है, जिससे ‘विकसित भारत-2047’ के लक्ष्य के अनुरूप नवाचार आधारित औद्योगिक विकास को नई गति मिल सके।