मोहाली : मोहाली के सोहाना थाना क्षेत्र में 51 एकड़ जमीन के बहुचर्चित कारोबारी सौदे में करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने का मामला सामने आया है। एसपी (लोकल) की जांच रिपोर्ट में कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिन्होंने पूरे जमीन सौदे को शक के दायरे में ला दिया है। रिपोर्ट के आधार पर एसएसपी मोहाली ने गर्ग बंधुओं के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और आपराधिक साजिश सहित विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। हालांकि मामले में अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।
पुलिस जांच के अनुसार, डीएस बिल्डटेक के सांझेदारों के बीच 14 मार्च 2022 को हुए एमओयू के तहत करीब 51 एकड़ जमीन के सौदे पर सहमति बनी थी। समझौते में जमीन की कीमत 4.27 करोड़ रुपये प्रति एकड़ तय की गई थी और श्रृंखलाबद्ध तरीके से करोड़ों रुपये का भुगतान होना था। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि तय रकम का भुगतान किए बिना ही दस्तावेजों का इस्तेमाल कर उन्हें फर्म से बाहर करने की साजिश रची गई।
जांच रिपोर्ट में सबसे बड़ा सवाल एमओयू, पार्टनरशिप डीड और डिसॉल्यूशन डीड की तारीखों पर उठा है। रिपोर्ट के अनुसार तीनों दस्तावेज एक ही दिन तैयार और हस्ताक्षरित होने की बात सामने आई, जबकि उन पर अलग-अलग तारीखें दर्ज हैं। दस्तावेजों के गवाह जितेंद्र शर्मा ने भी पुलिस को दिए बयान में इस मुद्दे पर हैरानी जताई।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि एमओयू के अनुसार समझौते की वैधता 150 दिन थी, लेकिन इससे पहले ही एक अप्रैल 2022 की नई पार्टनरशिप डीड तैयार कर शिकायतकर्ता शिव अग्रवाल को फर्म से बाहर दिखा दिया गया। जांच में यह भी पाया गया कि इस नई डीड का उपयोग पुलिस जांच में तो किया गया, लेकिन रजिस्ट्रार कार्यालय में पहले की डीड पेश की गई। इससे नई डीड के बाद में तैयार किए जाने की आशंका जताई गई।
रिपोर्ट के मुताबिक, बाद में 'श्री गणपति लैंड प्रमोटर्स' नाम से नई फर्म बनाकर उसी जमीन की रजिस्ट्रियां कराई जाने लगीं, जिसे पहले डी.एस. बिल्डटेक के नाम खरीदा जाना था। जांच में इसे भी शिकायतकर्ताओं के अधिकारों को प्रभावित करने की संभावित साजिश माना गया है।
एसपी (लोकल) ने अपनी रिपोर्ट में आरोपों को सही मानते हुए गर्ग बंधुओं के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की। साथ ही गवाह जितेंद्र शर्मा और अशोक बंसल की भूमिका की भी जांच करने की बात कही गई। एसएसपी के आदेश के बाद सोहाना थाना पुलिस ने आईपीसी की धाराओं 406, 420, 465, 467, 468, 471 और 120-बी के तहत मामला दर्ज कर जांच एएसआई नरेंद्र सिंह को सौंप दी है।