इंडक्शन वीक-2026 के तहत आयोजित जागरूकता सत्र में छात्राओं को मोटर वाहन अधिनियम, ई-चालान और गुड समैरिटन कानून की जानकारी; हेलमेट-सीट बेल्ट, लेन अनुशासन और निर्धारित गति सीमा के पालन पर जोर, मोबाइल फोन के इस्तेमाल से बचने की दी हिदायत; सड़क दुर्घटनाओं के वास्तविक उदाहरणों से समझाया सुरक्षित यातायात व्यवहार का महत्व, अंत में दिलाई रोड सेफ्टी शपथ और ‘जीरो एक्सीडेंट डेथ सिटी’ का संकल्प।

चंडीगढ़ : सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और युवाओं में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस ने वीरवार को सेक्टर-36 स्थित मेहर चंद महाजन डीएवी कॉलेज फॉर वूमेन (एमसीएम डीएवी कॉलेज) में रोड सेफ्टी एवं ट्रैफिक अवेयरनेस सत्र आयोजित किया। यह कार्यक्रम इंडक्शन वीक-2026 के तहत कॉलेज की एनएसएस इकाई और इंटरनल क्वालिटी एश्योरेंस सेल (आईक्यूएसी) के सहयोग से आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन यूटी चंडीगढ़ के डीजीपी डॉ. सागर प्रीत हुड्डा, आईजीपी पुष्पेंद्र कुमार और एसएसपी (सिक्योरिटी एवं ट्रैफिक) सुमेर प्रताप सिंह के मार्गदर्शन तथा डीएसपी ट्रैफिक (आरएंडडी) लक्ष्य पांडे की देखरेख में किया गया। डीएसपी ट्रैफिक डॉ. प्रवेश शर्मा और ट्रैफिक पुलिस की जागरूकता टीम ने नवप्रवेशी छात्राओं को सड़क सुरक्षा और जिम्मेदार यातायात व्यवहार के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

कॉलेज की प्राचार्या नीना शर्मा ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं में सड़क सुरक्षा और नागरिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने छात्राओं से ट्रैफिक नियमों का पालन कर सुरक्षित और अनुशासित यातायात व्यवस्था में योगदान देने का आह्वान किया।

सत्र के दौरान छात्राओं को मोटर वाहन अधिनियम-1988, 2019 में किए गए संशोधनों, केंद्रीय मोटर वाहन नियम-1989, मोटर वाहन ड्राइविंग विनियम-2017 तथा गुड समैरिटन कानून की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर लगने वाले जुर्माने, ई-चालान प्रणाली और सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति में आम नागरिकों की भूमिका पर भी प्रकाश डाला।

छात्राओं को आईएसआई प्रमाणित हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग, निर्धारित गति सीमा का पालन, लेन अनुशासन, पैदल यात्रियों की सुरक्षा, आपातकालीन वाहनों को रास्ता देने, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करने और सुरक्षा उपकरणों के इस्तेमाल के प्रति जागरूक किया गया। इसके साथ ही लापरवाही, ओवरस्पीडिंग और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी से हुई वास्तविक सड़क दुर्घटनाओं के उदाहरण भी साझा किए गए।

कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें छात्राओं ने ड्राइविंग लाइसेंस, ट्रैफिक नियमों और सड़क सुरक्षा से जुड़े सवाल पूछे। समापन पर सभी प्रतिभागियों को रोड सेफ्टी शपथ दिलाई गई और चंडीगढ़ को ‘जीरो एक्सीडेंट डेथ सिटी’ बनाने में सक्रिय सहयोग देने का संकल्प दिलाया गया।