एआईसीसी के पर्यवेक्षक जगदीश ठाकोर ने शुरू किया सात दिवसीय मंथन, बूथ से प्रदेश स्तर तक नेताओं और कार्यकर्ताओं से लेंगे फीडबैक। छह-छह नामों का पैनल आलाकमान को भेजा जाएगा, बेहतर प्रदर्शन करने वाले मौजूदा पदाधिकारियों को मिल सकता है दोबारा मौका।

चंडीगढ़ : अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के “संगठन सृजन अभियान” के तहत चंडीगढ़ कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे में जल्द बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। जिला कांग्रेस कमेटियों के पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू हो गई है और इसी महीने नए जिला अध्यक्षों की घोषणा होने की संभावना है।

एआईसीसी के पर्यवेक्षक कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य एवं पूर्व सांसद जगदीश ठाकोर ने गुरुवार को कांग्रेस भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि वे अगले सात दिनों तक प्रदेश स्तर से लेकर बूथ स्तर तक संगठन के नेताओं और कार्यकर्ताओं से व्यापक विचार-विमर्श करेंगे। इसके बाद तैयार की जाने वाली विस्तृत रिपोर्ट में प्रत्येक जिले के लिए कम से कम छह-छह नामों की सिफारिश कांग्रेस आलाकमान को भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि अंतिम निर्णय आलाकमान करेगा, जबकि बेहतर प्रदर्शन करने वाले कुछ मौजूदा जिला अध्यक्षों को दोबारा जिम्मेदारी भी दी जा सकती है।

ठाकोर ने कहा कि संगठन सृजन अभियान का उद्देश्य जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करना और कार्यकर्ताओं की राय के आधार पर नेतृत्व तैयार करना है। उन्होंने रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों (आरडब्ल्यूए), गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) और संविधान तथा कानून के शासन में विश्वास रखने वाले अन्य सामाजिक संगठनों से भी लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत बनाने के लिए इस संवाद प्रक्रिया में भाग लेने की अपील की।

पत्रकार वार्ता के दौरान ठाकोर ने केंद्र की मोदी सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उनकी नीतियां लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ कांग्रेस भाजपा सरकार की नीतियों को जनता के बीच उजागर करने के लिए लगातार आंदोलन और जनसंपर्क अभियान चला रही है।

उन्होंने चंडीगढ़ नगर निगम में भाजपा के मेयरों के कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार के आरोप भी दोहराए और कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को लगातार उठाती रहेगी।

इस अवसर पर चंडीगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष एच.एस. लक्की और पार्टी के महासचिव एवं मुख्य प्रवक्ता राजीव शर्मा भी मौजूद रहे। एच.एस. लक्की ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व में निगम दिशाहीन तरीके से काम कर रहा है और कई मामलों में पारदर्शिता का अभाव है। उन्होंने निगम प्रशासन में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार के मुद्दे पर विस्तृत जानकारी भी साझा की।