नई दिल्ली (Naren Danu) : विमानन ईंधन को लेकर उठे राजनीतिक विवाद के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आम आदमी पार्टी (आआपा) के संयोजक अरविंद केजरीवाल के आरोपों को खारिज किया है। भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने कहा कि केंद्र सरकार ने विमानों में इस्तेमाल होने वाले एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) में सामान्य एथेनॉल मिलाने की कोई योजना घोषित नहीं की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ने केवल सतत विमानन ईंधन (एसएएफ) को नियामकीय व्यवस्था में शामिल किया है।
मालवीय ने गुरुवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि एसएएफ को सामान्य एथेनॉल समझना तकनीकी रूप से गलत है। उन्होंने बताया कि सतत विमानन ईंधन अत्याधुनिक तकनीक से तैयार किया गया विमानन-ग्रेड ईंधन है, जिसकी रासायनिक संरचना पारंपरिक एटीएफ के अनुरूप होती है और यह आधुनिक विमानों के इंजनों के लिए सुरक्षित एवं अनुकूल है।
उन्होंने कहा कि किसी भी विमान में इस्तेमाल से पहले एसएएफ को अंतरराष्ट्रीय मानकों के तहत कड़े परीक्षण और प्रमाणन प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। इसके लिए एएसटीएम जैसे वैश्विक मानकों का पालन किया जाता है, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (आईसीएओ) भी मान्यता देता है।
उत्सर्जन कम करने की वैश्विक पहल का हिस्सा है एसएएफ
भाजपा नेता ने कहा कि दुनिया के कई बड़े विमानन बाजार कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए प्रमाणित सतत विमानन ईंधन को बढ़ावा दे रहे हैं। भारत भी अंतरराष्ट्रीय विमानन मानकों के अनुरूप इस दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि एसएएफ के इस्तेमाल से विमानन ईंधन की सुरक्षा, गुणवत्ता और प्रदर्शन पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता। सामान्य एथेनॉल और प्रमाणित सतत विमानन ईंधन को एक जैसा बताना तथ्यात्मक रूप से गलत है और इससे लोगों में अनावश्यक भ्रम पैदा हो सकता है।
केजरीवाल ने उठाए थे सुरक्षा को लेकर सवाल
गौरतलब है कि इससे पहले आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर एटीएफ में एथेनॉल मिलाने की योजना बनाने का आरोप लगाया था। उन्होंने कुछ विशेषज्ञों का हवाला देते हुए आशंका जताई थी कि इससे विमान सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।
इसके जवाब में भाजपा ने कहा कि सरकार का उद्देश्य विमानन क्षेत्र में सुरक्षा मानकों को बनाए रखते हुए पर्यावरण अनुकूल ईंधन को बढ़ावा देना है।