डिब्रूगढ़ (Naren Danu) : ऊपरी असम में आई विनाशकारी बाढ़ के बीच मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने मंगलवार को डिब्रूगढ़ स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में राहत, पुनर्वास और स्थायी नुकसान के आकलन को लेकर कई अहम फैसले लिए गए।
चार जिलों की तबाही पर फोकस
समीक्षा बैठक में शिवसागर, चराईदेव, जोरहाट और गोलाघाट जिलों में बाढ़ से हुए नुकसान का विस्तृत आकलन किया गया। अधिकारियों ने प्रभावित आबादी, मृतकों, पशुधन, कृषि भूमि, राहत शिविरों और बचाव अभियानों की स्थिति पर प्रस्तुति दी।
NDRF नियमों में ढील की मांग
मुख्यमंत्री हिमंत सरमा ने कहा कि हालिया बाढ़ से जान-माल का व्यापक नुकसान हुआ है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से अनुरोध किया कि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (NDRF) के नियमों में राहत दी जाए, ताकि अधिक से अधिक प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता मिल सके।
9 अगस्त से शुरू होगा डैमेज सर्वे
मुख्यमंत्री ने बताया कि चारों जिलों में स्थायी नुकसान का आकलन करने के लिए 7 और 8 अगस्त को अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद 9 अगस्त से व्यापक सर्वे अभियान शुरू होगा, जिसके आधार पर मुआवजा और पुनर्वास की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
केंद्र सरकार के सहयोग का जताया आभार
हिमंत सरमा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुरू से ही बाढ़ की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, जबकि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह लगातार राज्य सरकार के संपर्क में रहकर राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने संकट की घड़ी में केंद्र सरकार से मिले सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
'प्रस्ताव केंद्र तक पहुंचाऊंगा' : नड्डा
जेपी नड्डा ने मुख्यमंत्री के NDRF नियमों में ढील संबंधी प्रस्ताव को प्रधानमंत्री और केंद्रीय वित्त मंत्री के समक्ष रखने का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इस मांग पर गंभीरता से विचार करेगी और असम को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
राहत कार्यों की सराहना
केंद्रीय मंत्री ने बाढ़ के दौरान राहत एवं बचाव अभियान में असम सरकार की तत्परता और प्रशासनिक व्यवस्था की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों तक तेजी से सहायता पहुंचाने के लिए राज्य सरकार ने प्रभावी ढंग से काम किया है।
बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री केशव महंत, स्वास्थ्य मंत्री अशोक सिंघल, विधायक तरंग गोगोई सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।