चंडीगढ़ : चंडीगढ़ कॉलेज ऑफ आर्किटेक्चर (सीसीए) के विद्यार्थियों ने बुधवार को न्यू चंडीगढ़ स्थित ग्रेवाल आई इंस्टीट्यूट (जीईआई) मेडिसिटी का शैक्षणिक दौरा कर आधुनिक हेल्थकेयर आर्किटेक्चर की बारीकियों को करीब से समझा। दौरे का उद्देश्य छात्रों को सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की डिजाइन, स्पेस प्लानिंग और निर्माण प्रक्रिया से व्यावहारिक रूप से परिचित कराना था।
सीसीए की प्रिंसिपल डॉ. संगीता बहगा के नेतृत्व में पहुंचे विद्यार्थियों ने अस्पताल के विभिन्न विभागों का भ्रमण किया। इस दौरान उन्हें बताया गया कि किस प्रकार अस्पताल की वास्तुकला क्लीनिकल दक्षता, मरीजों की सुविधा और विभिन्न विभागों के बीच सुचारु आवाजाही सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
संस्थान के डिजाइन और निर्माण की निगरानी करने वाले आर्किटेक्ट जग राज ने छात्रों को इंटरैक्टिव वॉकथ्रू कराया। उन्होंने अस्पताल की डिजाइन फिलॉसफी, स्पेस प्लानिंग, सस्टेनेबल फीचर्स और निर्माण से जुड़े तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आधुनिक हेल्थकेयर भवनों में मेडिकल वर्कफ्लो, सौंदर्य, सुगम पहुंच और मरीज-केंद्रित डिजाइन का संतुलन बेहद जरूरी होता है।
ग्रेवाल आई इंस्टीट्यूट के संस्थापक डॉ. एस.पी.एस. ग्रेवाल ने छात्रों का स्वागत करते हुए कहा कि किसी विशेषीकृत अस्पताल की डिजाइन में आधुनिक तकनीक, कार्यकुशलता और मरीजों के अनुभव के बीच संतुलन बनाना सबसे बड़ी चुनौती होती है। उन्होंने कहा कि इस तरह के शैक्षणिक भ्रमण भविष्य के आर्किटेक्ट्स को यह समझने का अवसर देते हैं कि बेहतर वास्तु डिजाइन स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को किस प्रकार मजबूत बनाता है।
दौरे के दौरान विद्यार्थियों ने अस्पताल की इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग, प्राकृतिक रोशनी के उपयोग, मरीजों के अनुकूल डिजाइन और विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाओं के लिए आवश्यक वास्तु सिद्धांतों का व्यावहारिक अध्ययन किया।