चंडीगढ़ : हरियाणा सरकार राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डिजिटल गवर्नेंस, कौशल विकास और डेटा आधारित प्रशासन को नई दिशा देने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को चंडीगढ़ में वर्ल्ड बैंक के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक कर इन विषयों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य तकनीक का लाभ सीधे आम नागरिक तक पहुंचाना है, ताकि सरकारी सेवाएं अधिक पारदर्शी, तेज और प्रभावी बन सकें।
बैठक में वर्ल्ड बैंक के अधिकारियों ने बताया कि 19 से 22 अक्टूबर तक कोरिया में आयोजित होने वाले कोरिया डिजिटल समिट में हरियाणा सरकार और वर्ल्ड बैंक के सहयोग से विकसित एआई सैंडबॉक्स को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को भी समिट में भाग लेने का विशेष आमंत्रण दिया गया।
मुख्यमंत्री ने परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) को राज्य की महत्वपूर्ण डिजिटल पहल बताते हुए कहा कि अब इसे और अधिक आधुनिक तथा उपयोगकर्ता अनुकूल बनाने के लिए पीपीपी 2.0 विकसित किया जाएगा। साथ ही, विभिन्न विभागों के बीच सूचनाओं के बेहतर आदान-प्रदान के लिए डेटा एक्सचेंज पॉलिसी और डेटा लेक तैयार करने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा, जिससे नीतिगत फैसले अधिक सटीक और प्रभावी होंगे।
उन्होंने वर्ल्ड बैंक से हरियाणा एआई एंड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट को शीघ्र शुरू करने का आग्रह किया। इस परियोजना के तहत प्रस्तावित एआई गुरुकुल में युवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही प्रत्येक जिले में उद्योगों की आवश्यकता के अनुसार कौशल विकास केंद्र स्थापित करने पर भी जोर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने हरियाणा के लिए एक समर्पित एआई मॉडल विकसित करने का सुझाव भी दिया। उन्होंने कहा कि यह मॉडल राज्य के कानूनों, नियमों और सरकारी प्रक्रियाओं को समझते हुए अधिकारियों को त्वरित निर्णय लेने में सहायता करेगा और नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराएगा।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश में वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए एआई आधारित एयर क्वालिटी डिसीजन सपोर्ट सिस्टम विकसित करने में भी वर्ल्ड बैंक से सहयोग मांगा। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और एआई आधारित समाधान अपनाकर हरियाणा वायु गुणवत्ता प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाएगा।
मुख्यमंत्री ने वर्ल्ड बैंक द्वारा स्थापित एआई सैंडबॉक्स की सराहना करते हुए बताया कि हाल ही में आयोजित इनोवेशन चैलेंज में लगभग 250 कंपनियों और स्टार्टअप्स ने भाग लिया, जो राज्य में तेजी से बढ़ रहे नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र का प्रमाण है। इन नवाचारों को अब विभिन्न सरकारी विभागों में लागू कर आम नागरिकों तक उनका लाभ पहुंचाया जाएगा।
बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, मुख्य प्रधान सचिव अरुण गुप्ता, अर्जुन काउंसिल एसपीवी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. जे. गणेशन, वर्ल्ड बैंक के क्षेत्रीय निदेशक (डिजिटल एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एशिया-प्रशांत) महेश उत्तमचंदानी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।