CHC हठूर में मल्टीपरपज़ हेल्थ वर्कर और फीमेल सुपरवाइजरों ने चिकित्सा अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर लंबित मांगें पूरी करने की अपील की। कर्मचारियों ने मोबाइल भत्ता, एरियर, यात्रा भत्ता, डिजिटल कार्यों के लिए संसाधन और अतिरिक्त सब सेंटर ड्यूटी का भुगतान देने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि लिखित आश्वासन मिलने तक विरोध जारी रहेगा।

जगरांव (चरणजीत सिंह चन्न) : पंजाब भर में मल्टीपरपज़ हेल्थ वर्कर (फीमेल) एवं फीमेल सुपरवाइज़र द्वारा चलाए जा रहे ऑनलाइन कार्य और अतिरिक्त सब सेंटर ड्यूटी के राज्यव्यापी बहिष्कार के बीच मंगलवार को कम्युनिटी हेल्थ सेंटर (CHC) हठूर में कर्मचारियों ने चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनदीप सिंह विरदी को ज्ञापन सौंपकर लंबित सेवा संबंधी मांगों के शीघ्र समाधान की मांग की। कर्मचारियों ने कहा कि जब तक सरकार और स्वास्थ्य विभाग की ओर से लिखित एवं ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक ऑनलाइन कार्य और अतिरिक्त सब सेंटर ड्यूटी का बहिष्कार जारी रहेगा।

कर्मचारियों ने बताया कि इससे पहले डायरेक्टर हेल्थ सर्विसेज पंजाब तथा जिला स्तर पर सिविल सर्जनों को भी ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं। उनका कहना है कि कई दौर की बैठकों और पत्राचार के बावजूद मांगों का समाधान नहीं हुआ, जिसके बाद राज्य स्तर पर यह निर्णय लिया गया।

महिला स्वास्थ्य कर्मियों का कहना है कि वे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, टीकाकरण, परिवार कल्याण तथा विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों का नियमित संचालन कर रही हैं। इसके बावजूद कैडर के देय भत्ते, आवश्यक संसाधन और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं करवाई गई हैं। उनका कहना है कि डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा लगातार बढ़ रहा है, लेकिन उसी अनुपात में संसाधन उपलब्ध नहीं कराए गए।

ज्ञापन में मोबाइल भत्ता और लंबित एरियर जारी करने, यात्रा, वर्दी, डाइट, ग्रामीण एवं शहरी भत्ते बहाल करने, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के लिए लैपटॉप, डोंगल, इंटरनेट और स्टेशनरी उपलब्ध कराने, U-WIN तथा जन्म-मृत्यु ऑनलाइन प्रविष्टियों के लिए अलग मानदेय देने की मांग की गई। इसके अलावा RCH पोर्टल का कार्य कंप्यूटर सहायक से करवाने, अतिरिक्त सब सेंटर ड्यूटी के लिए टीए-डीए देने, RDK किट परीक्षण को प्रयोगशाला तक सीमित रखने तथा रिक्त पदों को शीघ्र भरने की मांग भी दोहराई गई।

ज्ञापन सौंपने के दौरान जसविंदर कौर, अमरजीत कौर, करमजीत कौर, सरबजीत कौर, सुखवंत कौर, महिंदर कौर सहित बड़ी संख्या में मल्टीपरपज़ हेल्थ वर्कर (फीमेल) एवं फीमेल सुपरवाइज़र उपस्थित थीं।
कर्मचारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित करना नहीं, बल्कि अपनी लंबित मांगों की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करना है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द सकारात्मक और लिखित आश्वासन नहीं मिला तो आंदोलन को और तेज करने पर विचार किया जाएगा।