कई दिनों से स्ट्रीट लाइटें बंद होने से राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। टीम उरवा ने नगर परिषद पर शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न करने का आरोप लगाया। संगठन ने स्नैचिंग और चोरी की घटनाओं का हवाला देते हुए सुरक्षा के मद्देनजर तुरंत लाइटें चालू करने की मांग की है।

जीरकपुर : जीरकपुर में के-एरिया लाइट प्वाइंट से गुरुद्वारा बाउली साहिब तक सड़क किनारे लगी स्ट्रीट लाइटें पिछले कई दिनों से बंद पड़ी हैं। इससे पूरे मार्ग पर अंधेरा पसरा हुआ है और राहगीरों, विशेषकर महिलाओं व दोपहिया वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय सामाजिक संगठन टीम उरवा ने नगर परिषद पर शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है।

टीम उरवा के सदस्य एस.के. ढींगरा, रमेश धीमान, सतीश शर्मा, डॉ. अजय यादव, सुरेंद्र सोंधी और कुलभूषण शर्मा ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार नगर परिषद के अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत नहीं करवाई गई। उनका कहना है कि संबंधित सड़क लंबे समय से अंधेरे में डूबी हुई है, जिससे स्थानीय लोगों और राहगीरों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

संगठन के सदस्यों ने बताया कि इस मार्ग पर पहले भी शाम के समय स्नैचिंग और चोरी जैसी घटनाएं हो चुकी हैं। इसके बावजूद बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को ठीक नहीं कराया गया। उनका कहना है कि जहां से आबादी वाला क्षेत्र शुरू होता है, वहां लाइटें जल रही हैं, लेकिन के-एरिया लाइट प्वाइंट से गुरुद्वारा बाउली साहिब तक का हिस्सा पूरी तरह अंधेरे में है।

टीम उरवा ने कहा कि शाम के समय नौकरी से लौटने वाली महिलाओं और अन्य राहगीरों को इस मार्ग से गुजरने में डर महसूस होता है। अंधेरे के कारण चोरी, लूटपाट और स्नैचिंग जैसी घटनाओं की आशंका बनी रहती है। संगठन ने नगर परिषद से जनहित और सुरक्षा को देखते हुए बंद पड़ी सभी स्ट्रीट लाइटों को तत्काल चालू कराने की मांग की है।


"पिछले कई दिनों से नगर परिषद कर्मचारियों की हड़ताल चल रही थी। कल ही हड़ताल समाप्त हुई है। अब जल्द ही बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत कर उन्हें चालू कर दिया जाएगा।"
— ईशान, जेई, नगर परिषद जीरकपुर