AICEA और यूनाइटेड फ्रंट के संयुक्त सेमिनार में यूरोप, अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया समेत वैश्विक बाजारों की संभावनाओं पर चर्चा हुई। उद्योगपतियों ने गुणवत्ता, अंतरराष्ट्रीय मानकों के पालन और उत्पादन क्षमता बढ़ाने को भारतीय साइकिल उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त का सबसे अहम आधार बताया।

लुधियाना : धनानसू स्थित हीरो साइकिल परिसर में यूनाइटेड फ्रंट के सहयोग से ऑल इंडिया साइकिल मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन (AICEA) द्वारा साइकिल निर्यात को लेकर एक महत्वपूर्ण सेमिनार आयोजित किया गया। सेमिनार का उद्देश्य निर्यात के दौरान आने वाली चुनौतियों, उनके समाधान और भारतीय साइकिल उद्योग को वैश्विक बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने पर चर्चा करना था।

वक्ताओं ने कहा कि यूरोप, कनाडा, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड जैसे देशों में भारतीय साइकिल उद्योग के लिए बेहतर अवसर मौजूद हैं। ऐसे में उत्पादों की गुणवत्ता, अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन और उत्पादन क्षमता बढ़ाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता भारतीय उद्योग की वैश्विक साख को प्रभावित कर सकता है।

बैठक में उद्योग से जुड़ी समस्याओं, निर्यात बढ़ाने की संभावनाओं और आपसी सहयोग से नए बाजार विकसित करने पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर एवन ग्रुप के उकार सिंह पाहवा, हीरो साइकिल के आदित्य मुंजाल, हीरो इकोटेक के गौरव मुंजाल, रालसन टायर के संजीव पाहवा, ईस्टमैन ग्रुप के जगदीश राय सिंगला सहित बड़ी संख्या में उद्योगपति मौजूद रहे। सभी ने भारतीय साइकिल उद्योग को विश्व स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए सामूहिक प्रयासों पर बल दिया।