नई दिल्ली (Naren Danu) : जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने की सातवीं वर्षगांठ के मौके पर भाजपा ने कांग्रेस और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। भाजपा ने इस दिन को देश के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए आरोप लगाया कि राहुल गांधी संसद की कार्यवाही में बाधा डाल रहे हैं और विपक्ष की जिम्मेदारियों को निभाने में विफल हो रहे हैं।
भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि 5 अगस्त 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने संविधान के अस्थायी प्रावधान के रूप में शामिल अनुच्छेद 370 को समाप्त कर देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने का काम किया। उन्होंने कहा कि तत्कालीन गृह मंत्री अमित शाह ने मजबूत इच्छाशक्ति के साथ इस फैसले को लागू किया।
'दो विचारधाराओं के बीच संघर्ष'
भाटिया ने संसद में जारी गतिरोध को लेकर कहा कि वर्तमान समय में देश में दो विचारधाराओं के बीच संघर्ष दिखाई दे रहा है। एक तरफ प्रधानमंत्री मोदी की राष्ट्रहित को प्राथमिकता देने वाली राजनीति है, जबकि दूसरी ओर राहुल गांधी की राजनीति है, जो उनके अनुसार देश को बांटने वाली सोच को बढ़ावा देती है।
भगोड़ों पर कार्रवाई का दिया हवाला
भाजपा प्रवक्ता ने केंद्र सरकार की भगोड़े अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि 2019 से 2026 के बीच 36 देशों से 274 भगोड़ों को भारत वापस लाया गया, जबकि 2004 से 2013 के बीच यह संख्या काफी कम रही थी। उन्होंने इसे मोदी सरकार की सख्त नीति और मजबूत कानून व्यवस्था का परिणाम बताया।
राहुल गांधी के बयानों पर पलटवार
गौरव भाटिया ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष का दायित्व संसद में बहस करना, तथ्यों के आधार पर सरकार को घेरना और जनता के मुद्दों को उठाना है, लेकिन राहुल गांधी अपनी जिम्मेदारी से दूर जा रहे हैं।
उन्होंने राहुल गांधी के हालिया बयानों पर भी प्रतिक्रिया दी और आरोप लगाया कि वह लगातार भाजपा और आरएसएस को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां करते हैं। भाटिया ने कहा कि राहुल गांधी को सरकार की नीतियों पर तथ्य आधारित चर्चा करनी चाहिए।
झारखंड मामले पर भी उठाए सवाल
भाजपा ने राहुल गांधी के उस बयान पर भी सवाल उठाए जिसमें उन्होंने देश के युवाओं और छात्रों की स्थिति को लेकर टिप्पणी की थी। पार्टी ने आरोप लगाया कि झारखंड में युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर राहुल गांधी और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने चुप्पी साध रखी है।
भाजपा ने झारखंड मामले की जांच की मांग दोहराते हुए राहुल गांधी, हेमंत सोरेन और अरविंद केजरीवाल से इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने को कहा।