जिला प्रधान कुलदीप सिंह बिढान के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने अतिरिक्त उपायुक्त कैथल के माध्यम से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को ज्ञापन सौंपा। 1,107 स्कूलों का MIS पोर्टल बंद होने से राज्य स्तरीय खेलों के लिए चयनित विद्यार्थियों का पंजीकरण नहीं हो सका। एसोसिएशन ने ऑफलाइन प्रवेश और पोर्टल दोबारा खोलने की मांग उठाई।

कैथल (रवि जैस्ट) : एसोसिएशन के चेयरमैन कुलदीप पूनिया, जोगिंदर ढुल, सतबीर सहारण, डॉ. मनोज शर्मा, महेंद्र सिंह, गौतम बंसल, राजेंद्र ढुल, हरपाल सिंह, खुशी राम और लाभ सिंह लैलर सहित कई प्रबुद्ध शिक्षक इस प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे। इन्होंने अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) कैथल कैथल के माध्यम से हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को ज्ञापन सौंपकर पुरजोर मांग रखी कि तकनीकी खामी की वजह से किसी भी प्रतिभावान छात्र को राज्य स्तर (State Level) की खेल प्रतियोगिताओं से वंचित न रखा जाए।

प्रेस नोट: खिलाड़ियों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं; निजी स्कूल एसोसिएशन ने अतिरिक्त उपायुक्त (ADC), कैथल को सौंपा ज्ञापन
जिला प्रधान कुलदीप सिंह बिढान के नेतृत्व में उपायुक्त से मिला प्रतिनिधिमंडल
जिला प्रधान कुलदीप सिंह बिढान के नेतृत्व में एसोसिएशन के चेयरमैन कुलदीप पूनिया, जोगिंदर ढुल, सतबीर सहारण, डॉ. मनोज शर्मा, महेंद्र सिंह, गौतम बंसल, राजेंद्र ढुल, हरपाल सिंह, खुशी राम और लाभ सिंह लैलर सहित सभी प्रमुख शिक्षकों ने उपायुक्त से मुलाकात की

सौंपा गया मांग पत्र: प्रतिनिधिमंडल ने अतिरिक्त उपायुक्त कैथल को ज्ञापन सौंपकर यह स्पष्ट किया कि विभागीय तकनीकी खामियों का खामियाजा प्रदेश के होनहार खिलाड़ी बच्चों को भुगतने नहीं दिया जाएगा।
गंभीर प्रशासनिक और तकनीकी संकट

ठप पड़ा एमआईएस पोर्टल: हरियाणा के करीब 1,107 स्कूलों का एमआईएस (MIS) पोर्टल पिछले काफी समय से तकनीकी और प्रशासनिक कारणों से पूरी तरह बंद पड़ा है।
समय सीमा समाप्त: चयनित विद्यार्थियों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 31 जुलाई 2026 तक होना अनिवार्य था, लेकिन पोर्टल बंद होने के कारण खिलाड़ी छात्रों का डाटा अपलोड नहीं हो सका।

बच्चों के भविष्य पर खतरा: जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं में सफलता हासिल करने के बाद भी पोर्टल की खराबी के कारण बच्चों का नाम आगे नहीं भेजा जा सका है, जिससे वे राज्य स्तरीय खेलों से वंचित हो रहे हैं।
अतिरिक्त उपायुक्त के समक्ष रखी गईं मुख्य मांगें

* ऑफलाइन प्रविष्टि को मंजूरी: जिन 1,107 स्कूलों का पोर्टल बंद है, उनके सफल और चयनित खिलाड़ियों को ऑफलाइन दस्तावेजों के आधार पर राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं में शामिल होने की अनुमति दी जाए।
पोर्टल को पुनः खोलने की मांग: शिक्षा विभाग और खेल विभाग तुरंत समन्वय स्थापित कर बंद पड़े एमआईएस पोर्टल को विशेष तौर पर खिलाड़ियों के पंजीकरण के लिए दोबारा खोलें।

त्वरित प्रशासनिक हस्तक्षेप: उपायुक्त कैथल अपने स्तर पर खेल व शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों को निर्देश जारी करें ताकि बच्चों की सालभर की मेहनत बेकार न जाए।