लंबे आंदोलन के बाद सरकार और यूनियन के बीच बनी सहमति से हड़ताल समाप्त हुई। नियमितीकरण, ठेका प्रथा खत्म करने और न्यूनतम वेतन लागू करने जैसे फैसलों से कर्मचारियों में उत्साह है। जगरांव में सफाई व सीवर व्यवस्था दोबारा शुरू हो गई, जबकि यूनियन ने इसे कर्मचारियों की एकजुटता की ऐतिहासिक जीत बताया।

जगरांव (चरणजीत सिंह चन्न) : पंजाब में सफाई सेवक यूनियन के लंबे और कड़े संघर्ष के बाद आखिरकार सरकार को झुकना पड़ा है। स्थानीय निकाय मंत्री हरजोत सिंह बैेंस के साथ हुई सकारात्मक बैठक के बाद सरकार ने कर्मचारियों की मुख्य मांगें स्वीकार कर ली हैं, जिसके बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल को आधिकारिक तौर पर समाप्त कर दिया गया है। इस ऐतिहासिक फैसले से पूरे पंजाब के सफाई सेवकों, सीवरमैनों और नगर पालिका कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गई है।

​नियमितीकरण: वर्ष 2021 की नीति के तहत अनुबंध आधार पर कार्यरत सफाई सेवकों और सीवरमैनों को बिना किसी शर्त के पक्का किया जाएगा।

​ठेका प्रणाली का अंत: ठेकेदारी प्रथा के तहत काम कर रहे सभी नगरपालिका कर्मचारियों को अब अनुबंध आधार पर लाया जाएगा।

​न्यूनतम वेतन: सभी योग्य कर्मचारियों के लिए ₹20,520 मासिक वेतन 1 अगस्त 2026 से लागू कर दिया गया है।

​हड़ताल समाप्त होने के तुरंत बाद आज जगरियां में सफाई कर्मचारियों ने पूरे उत्साह के साथ शहर की सफाई और सीवर व्यवस्था का कार्यभार पुनः संभाल लिया, जिससे शहर की ठप पड़ी जनसेवाएं पूरी तरह सामान्य हो गई हैं।

​यूनियन के जिला अध्यक्ष अरुण गिल ने स्पष्ट किया कि यह जीत किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि राज्य के समस्त सफाई कर्मचारियों और सहकर्मियों की अटूट एकता, हौसले और संघर्ष का परिणाम है। उन्होंने इस संघर्ष के दौरान समर्थन देने वाली सभी जन संगठनों और पंजाब के नागरिकों का हार्दिक आभार व्यक्त किया है। इस समझौते के साथ ही कर्मचारी अब पूरे मान-सम्मान के साथ अपनी ड्यूटी पर लौट आए हैं।