लैंडस्लाइड के खतरे के कारण पांच दिन से बंद यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज रेलवे रूट पर रेलवे ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इंजीनियरिंग टीमें ट्रैक की जांच और मलबा हटाने में जुटी हैं। मौसम साफ रहा तो ऐतिहासिक टॉय ट्रेनें फिर यात्रियों को हिमाचल की वादियों का सफर कराएंगी। सुरक्षा समीक्षा के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

चंडीगढ़ (Naren Danu) : यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज में शामिल कालका-शिमला रेलवे रूट पर एक बार फिर टॉय ट्रेन की आवाजाही शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है। नॉर्दर्न रेलवे ने संकेत दिए हैं कि अगर मौसम अनुकूल रहा और लैंडस्लाइड का खतरा कम हुआ तो 6 अगस्त से टॉय ट्रेन सेवाएं दोबारा बहाल की जा सकती हैं।

लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में रेलवे ट्रैक पर पत्थर और मलबा गिरने का खतरा बढ़ गया था। यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों की सुरक्षा को देखते हुए रेलवे ने एहतियात के तौर पर 1 से 5 अगस्त तक चार ट्रेनों का संचालन रोक दिया था।

ऑनलाइन बुकिंग शुरू, यात्रियों में उत्साह

रेलवे ने 6 अगस्त के लिए टॉय ट्रेन की ऑनलाइन बुकिंग शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार ट्रेन नंबर 52451 में अभी भी सीटें उपलब्ध हैं।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि मौसम और ट्रैक की स्थिति की अंतिम समीक्षा के बाद ही नियमित संचालन का फैसला लिया जाएगा।

ये ट्रेनें हुई थीं प्रभावित

बारिश और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए कालका-शिमला रूट पर इन ट्रेनों को अस्थायी रूप से रोका गया था—

52451/52452 – शिवालिक डीलक्स एक्सप्रेस
(कालका-शिमला-कालका)
52459/52460 – कालका-शिमला एक्सप्रेस
(कालका-शिमला-कालका)

रेलवे के अनुसार रूट पर चलने वाली अन्य तीन ट्रेनें हालात के अनुसार संचालित की जा रही हैं।

ट्रैक की सुरक्षा जांच में जुटी इंजीनियरिंग टीमें

रेलवे की इंजीनियरिंग टीमें लगातार ट्रैक की निगरानी कर रही हैं। प्रभावित हिस्सों से मलबा हटाने के साथ-साथ हर ट्रेन के संचालन से पहले रेलवे ट्रैक का निरीक्षण किया जा रहा है।

अधिकारियों के मुताबिक कमजोर हिस्सों की पहचान कर जरूरी मरम्मत कार्य किए जा रहे हैं, ताकि यात्रियों की सुरक्षा में कोई लापरवाही न हो।

सुरक्षा के बाद ही शुरू होगा संचालन: रेलवे

अंबाला डिवीजन के सीनियर डिविजनल कमर्शियल मैनेजर यशंजीत सिंह ने कहा कि लगातार बारिश और लैंडस्लाइड के खतरे को देखते हुए चार ट्रेन सेवाएं 5 अगस्त तक रोकी गई हैं।

उन्होंने कहा कि रेलवे की पहली प्राथमिकता यात्रियों की सुरक्षा है। ट्रैक को पूरी तरह सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही ट्रेन सेवाएं दोबारा शुरू की जाएंगी।

कालका-शिमला टॉय ट्रेन देश-विदेश के पर्यटकों के बीच बेहद लोकप्रिय है और इसके दोबारा शुरू होने से पर्यटन गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।