विकास क्लब साहित्य कला मंच के आयोजन में वरिष्ठ शायर इक़बाल पानीपती की अध्यक्षता में देशभर के कवि-शायरों ने ग़ज़ल, गीत और कविता के माध्यम से सामाजिक सरोकार, भ्रष्टाचार, अनुशासन, राष्ट्रप्रेम और मानवीय संवेदनाओं पर प्रभावशाली प्रस्तुतियां देकर श्रोताओं की खूब सराहना बटोरी।

पानीपत (निर्मल सिंह विर्क) : विकास क्लब साहित्य कला मंच कुंजपुरा की ओर से क्लब परिसर में कवि दरबार सजाया गया, जिसकी अध्यक्षता पानीपत से पहुंचे वरिष्ठ शायर इक़बाल पानीपती ने की। मुख्य अतिथि वरिष्ठ शायर डॉ.कमर रईस व वरिष्ठ शायर हरबंस पथिक व गुरमुख सिंह वड़ैच रहे, अध्यक्ष, मुख्य अतिथि विशिष्ट अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की।

कार्यक्रम अध्यक्ष शायर इकबाल पानीपती ने कहा. खिले तो कैसे खिले आस के चमन में गुलाब, अभी खिजाओ का मौसम है क्या किया जाए, मुख्य अतिथि शायर डॉ. कमर रईस ने कहा तअस्सुब ने फूंके जहां कैसे,फना हो गये मेहरबां कैसे कैसे, शायर हरबंस पथिक ने कहा गिनवा तो दिये उसने मेरे गुनाह तमाम,पर दाग अपने दामन के सारे छिपा लिये, कार्यक्रम संचालक व संस्था संस्थापक वरिष्ठ कवि प्रेम पाल सागर ने कहा कोई कहता है अजल कोई कहता जहर के प्याले,इन आंखों के चिरागों को क्या क्या नाम दें डाले, शायर रामेश्वर देव ने कहा. जो तेरा हक़ है मिलकर रहेगा तुझे, घर में मत कर बखेड़ा तू बे बात का, कवि दलीप खरेरा ने कहा झूठ से हमने पूछा लिया झूठ तू अपना सच बता,तू जिसे है सच समझता सब से बड़ा है झूठ तेरा, युवा शायर सचिन पाल ने कहा भ्रष्टाचार की चली दुकान देखकर, नेताओं की झूठी ज़ुबान देखकर घबराता हूं मैं, कवयित्री ममता प्रवीण ने कहा आश्चर्य है जनता ईश्वर को लाचार समझती है, ना समझ उसको,खुद को समझदार समझती है,कवि राजपाल राजन ने कहा जब तक अनुशासन मुक्कमल नहीं होता,हमारी परेशानियों का हल नहीं होता, मधुर आवाज के धनी गुरमुख सिंह वड़ैच ने पढ़ा लोन वाली माफी की किताब चाहिए, बैंकों की बेहाली का हिसाब चाहिए,मामराज पाल ने कहा मेरी लाडली बात मानले,नहीं तो घनी पछतावेगी, रोहतक सैणी ने कहा तुझको पाकर मुक्कमल हो गया था, कवि संदीप सरल ने कहा कारगिल को याद करके दुखता है दिल , अश्विनी शर्मा ने कहा पढ़ें लिखे जवानों का आंदोलन देखिये,बेईतहां गालियों का भददा चलन देखिये,इस अवसर पर पूर्ण वत्स,पारस गहलोत,शैजल गहलोत, हरिओम पांचाल, संदीप बांवरा,खुशहाल रोजडा, रोहित, अमित कामरा ने प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का मंच संचालन कवि प्रेम पाल सागर ने किया।

कार्यक्रम में ग्राम सरपंच, आर्य समाज प्रधान अनिल आर्य , परविंदर भाटिया, विक्की सिंह, राकेश राणा, विकास अरोड़ा, रविन्द्र, महेन्द्र, रामनाथ,देव बतान, दुर्गेश, साल्वी कांबोज,अवनी, आदित्य आर्य,हविश, विनोद, अन्सूल राणा, कर्ण, कृष्णा,रवि चौहान, सुलोचना,किरण,अनिता, उपस्थित रहे।