जगरांव (चरणजीत सिंह चन्न) : जगरांव तहसील कॉम्प्लेक्स में प्रशासनिक लापरवाही और अधिकारियों की मनमानी का एक बार फिर बड़ा मामला सामने आया है। पंजाब सरकार द्वारा सरकारी दफ्तरों का समय सुबह 9:00 बजे निर्धारित किए जाने के बावजूद, यहां तैनात अधिकारी नियमों को ताक पर रख रहे हैं।
मीडिया टीम द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में यह बात सामने आई कि सुबह 9:30 बजे तक भी तहसीलदार और नायब तहसीलदार के दफ्तर पूरी तरह सूने पड़े थे। जबकि कमरों में बिजली और पंखे चल रहे थे, लेकिन कुर्सियां खाली थीं। दूर-दराज के गांवों और इलाकों से अपने जरूरी काम लेकर आए आम लोग घंटों से अधिकारियों का इंतजार करने को मजबूर दिखे।
एक हफ्ते पहले भी खुली थी पोल
खास बात यह है कि करीब एक हफ्ते पहले भी मीडिया टीम ने इसी तरह की शिकायतों के बाद तहसील का दौरा किया था, जहां यही हालात पाए गए थे। उस समय अधिकारियों ने सरकारी बैठकों और अन्य व्यस्तताओं का हवाला देकर अपना पल्ला झाड़ लिया था। लेकिन एक हफ्ते बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है, जिससे यह साफ जाहिर होता है कि अधिकारियों पर खबरों या चेतावनियों का कोई असर नहीं हो रहा है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया:
जब इस गंभीर मामले पर जगरांव के एसडीएम बादल दीन से बातचीत की गई, तो उन्होंने हैरानी जताते हुए कहा कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि अधिकारी समय पर दफ्तर नहीं पहुंच रहे हैं। मीडिया के माध्यम से मामला संज्ञान में आने के बाद उन्होंने संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगने की बात कही है।
बड़ा सवाल:
अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासन केवल औपचारिकता निभाते हुए स्पष्टीकरण तक ही सीमित रहेगा, या फिर ड्यूटी के प्रति ऐसी लगातार लापरवाही दिखाने वाले लापरवाह अधिकारियों पर कोई सख्त और ठोस कार्रवाई की जाएगी? आम जनता की नजरें अब उच्च प्रशासनिक अधिकारियों के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।