सावन के पहले सोमवार पर पूरे देश में भगवान शिव की भक्ति का अद्भुत उत्साह देखने को मिला। कश्मीर से कन्याकुमारी तक शिवालयों, नदी तटों और तीर्थस्थलों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। उज्जैन, काशी, हरिद्वार, देवघर, प्रयागराज और दिल्ली सहित प्रमुख शिव मंदिरों में जलाभिषेक और रुद्राभिषेक का क्रम सुबह से जारी रहा। सुरक्षा के मद्देनजर व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

नई दिल्ली (Naren Danu) : सावन के पहले सोमवार पर पूरा देश भगवान शिव की भक्ति में सराबोर नजर आया। सुबह तड़के से ही देशभर के प्रमुख शिव मंदिरों, नदी घाटों और तीर्थस्थलों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना के बीच हर-हर महादेव के जयघोष से धार्मिक स्थलों का वातावरण भक्तिमय हो गया।

मुख्य बातें (Key Points)
सावन के पहले सोमवार पर देशभर में शिवभक्ति का उत्साह चरम पर।
कश्मीर से कन्याकुमारी तक शिवालयों और नदी घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़।
उज्जैन, काशी, देवघर, हरिद्वार, ऋषिकेश और बैजनाथ समेत प्रमुख ज्योतिर्लिंग एवं शिवधामों में लंबी कतारें।
प्रयागराज के संगम में श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान कर भगवान सूर्य और शिव का जलाभिषेक किया।
चित्रकूट के रामघाट पर मंदाकिनी में स्नान के बाद मतगजेन्द्र नाथ मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सभी प्रमुख शिव मंदिरों में सुबह से दर्शन-पूजन का सिलसिला जारी।
चांदनी चौक स्थित गौरी शंकर मंदिर में रात दो बजे से ही भक्तों का पहुंचना शुरू।
गौरी शंकर मंदिर में इस बार गर्भगृह में सीधे जलाभिषेक की अनुमति नहीं, बाहर से विशेष व्यवस्था।
दिल्ली पुलिस, अर्द्धसैनिक बल और निजी सुरक्षा कर्मियों की व्यापक तैनाती।
मेटल डिटेक्टर, बैगेज स्कैनिंग और संदिग्ध वस्तुओं की जांच के लिए विशेष सुरक्षा प्रबंध।
बनखंडी मंदिर और कनॉट प्लेस स्थित विश्वेश्वर महादेव मंदिर में प्रवेश और निकास के अलग-अलग मार्ग बनाए गए।
विश्वेश्वर महादेव मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच रुद्राभिषेक अनुष्ठान शुरू।
श्रद्धालुओं से व्यवस्था बनाए रखने और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील।