किदवई नगर और मिलर गंज में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस स्कूलों का उद्घाटन, मुख्यमंत्री ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां। बोले- लुधियाना बना शिक्षा क्रांति का केंद्र, सरकारी स्कूलों में बेहतर सुविधाओं से बढ़ा विद्यार्थियों और अभिभावकों का भरोसा।

लुधियाना : पंजाब की राजनीति में शिक्षा को सबसे बड़े मुद्दे के रूप में स्थापित करने की दिशा में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रविवार को बड़ा दांव खेलते हुए लुधियाना को दो नए *स्कूल ऑफ एमिनेंस* समर्पित किए। किदवई नगर और मिलर गंज में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इन दोनों स्कूलों के उद्घाटन के साथ मुख्यमंत्री ने न केवल सरकारी शिक्षा मॉडल की उपलब्धियां गिनाईं, बल्कि यह संदेश भी दिया कि आम आदमी पार्टी 2027 विधानसभा चुनाव से पहले शिक्षा और स्वास्थ्य को अपनी सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत बनाने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लुधियाना अब पंजाब का पहला जिला बन गया है, जहां *16 स्कूल ऑफ एमिनेंस, 11 स्कूल ऑफ ब्रिलियंस और 35 स्कूल ऑफ हैप्पीनेस* संचालित हो रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि औद्योगिक राजधानी के रूप में पहचान रखने वाला लुधियाना अब शिक्षा क्रांति का भी नेतृत्व कर रहा है।

जनसभा को संबोधित करते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार ने पंजाब को स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में देश में *27वें स्थान से पहले स्थान* पर पहुंचा दिया है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में आधुनिक प्रयोगशालाएं, स्मार्ट क्लासरूम, पुस्तकालय, ऑडिटोरियम, विदेशी प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षक और बेहतर आधारभूत ढांचे के कारण अब निजी स्कूलों के विद्यार्थी भी सरकारी स्कूलों में प्रवेश ले रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि किदवई नगर स्थित स्कूल ऑफ एमिनेंस *10.62 करोड़ रुपये* की लागत से तैयार हुआ है, जिसमें *27 आधुनिक कक्षाएं, सात प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय और 500 क्षमता वाला ऑडिटोरियम* बनाया गया है। वहीं, मिलर गंज स्कूल *3.48 करोड़ रुपये* की लागत से निर्मित हुआ है, जिसमें *11 कक्षाएं, सात प्रयोगशालाएं और विद्यार्थियों की सुविधा के लिए लिफ्ट* की व्यवस्था की गई है।

मुख्यमंत्री ने शिक्षा क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि वर्ष 2021 में सरकारी स्कूलों के केवल 80 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा पास की थी, जबकि 2026 में यह संख्या बढ़कर *881* हो गई है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष सरकारी स्कूलों के *882 विद्यार्थियों ने नीट और 125 से अधिक विद्यार्थियों ने जेईई मेन्स* परीक्षा उत्तीर्ण की है। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही गरीबी, बेरोजगारी और नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से बाहर निकलने का सबसे प्रभावी माध्यम है।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से संवाद किया, विज्ञान प्रयोगशालाओं और कक्षाओं का निरीक्षण किया तथा शिक्षकों के कार्य की सराहना की। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री से ऑटोग्राफ लिए और अपने हाथों से बनाए स्केच भेंट किए। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस, मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी समारोह में मौजूद रहे।

*राजनीतिक मायने*

लुधियाना में लगातार शिक्षा ढांचे का विस्तार कर आम आदमी पार्टी सरकार यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि उसका विकास मॉडल केवल वादों तक सीमित नहीं, बल्कि सरकारी शिक्षा व्यवस्था में दिखाई देने वाले बदलाव पर आधारित है। ऐसे समय में जब विपक्ष कानून-व्यवस्था और अन्य मुद्दों पर सरकार को घेर रहा है, मान सरकार शिक्षा क्षेत्र की उपलब्धियों को जनता के बीच अपने सबसे मजबूत राजनीतिक नैरेटिव के रूप में पेश कर रही है।