बारिश के दौरान जलभराव, खुले गड्ढों और अधूरी सीवरेज व्यवस्था से निवासी व दुकानदार परेशान हैं। हारमनी होम्स आरडब्ल्यूए ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच, जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और स्थायी समाधान की मांग उठाई।

चंडीगढ़ : शहर के सेक्टर-35 सी और डी में विकास कार्यों की धीमी रफ्तार और अधूरे निर्माण ने स्थानीय निवासियों व दुकानदारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बारिश के दौरान सड़कों पर जलभराव, खुले गड्ढे और अधूरी सीवरेज व्यवस्था के कारण लोगों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि समय रहते स्थिति नहीं सुधारी गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

हारमनी होम्स रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) के उपप्रधान *जोगिंदर गोयल* ने नगर निगम प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि सेक्टर-35 सी में कई स्थानों पर सड़कें खोदकर छोड़ दी गई हैं। कई गटरों को मिट्टी से भर दिया गया है, जिससे बारिश का पानी जमा हो रहा है और राहगीरों व वाहन चालकों के लिए खतरा पैदा हो गया है।

उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में बिना ठोस योजना के निर्माण कार्य शुरू करना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। वहीं सेक्टर-35 डी मार्केट में इंटरलॉकिंग टाइल्स का स्तर सही नहीं होने से पानी दुकानों के भीतर तक पहुंच रहा है, जिससे व्यापारियों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। सेक्टर-35 सी मार्केट में भी मामूली बारिश के बाद जलभराव आम समस्या बन गई है।

आरडब्ल्यूए ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर पर्याप्त निगरानी नहीं होने के कारण जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एसोसिएशन ने नगर निगम से निर्माण कार्यों की उच्चस्तरीय जांच, जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदारों की जवाबदेही तय करने तथा जलभराव और सीवरेज समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है, ताकि क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित और बेहतर बुनियादी सुविधाएं मिल सकें।