मोहाली : मोहाली की चर्चित टाउनशिप ईमार मोहाली हिल्स से जुड़े विवाद वर्षों बाद भी पूरी तरह समाप्त नहीं हुए हैं। कब्जे में देरी, रिफंड, मुआवजे और डेवलपर की कथित लापरवाही को लेकर खरीदारों की कई शिकायतें अभी भी पंजाब रेरा, उपभोक्ता आयोग और विभिन्न अदालतों में लंबित हैं। हाल के महीनों में भी इस परियोजना से जुड़े मामलों पर सुनवाई जारी रही है।
ईमार मोहाली हिल्स के विभिन्न सेक्टरों और "द व्यूज़" जैसी परियोजनाओं के खरीदार लंबे समय से समय पर कब्जा नहीं मिलने और वादों के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध न कराने का आरोप लगाते रहे हैं। कई मामलों में उपभोक्ता आयोग और राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग ने खरीदारों के पक्ष में फैसले सुनाते हुए मुआवजा, ब्याज अथवा अन्य राहत देने के आदेश दिए हैं। हालांकि, अलग-अलग मामलों के तथ्य और आदेश अलग-अलग हैं।
पंजाब रेरा के रिकॉर्ड के अनुसार, ईमार परियोजनाओं से संबंधित शिकायतों की सुनवाई अभी भी जारी है। कई मामलों में आदेश पारित किए जा चुके हैं, जबकि अन्य मामलों में सुनवाई की प्रक्रिया चल रही है। रेरा की ताजा कॉज लिस्ट में भी रियल एस्टेट विवादों की नियमित सुनवाई जारी रहने का उल्लेख है।
रियल एस्टेट विशेषज्ञों का कहना है कि ईमार मोहाली हिल्स से जुड़े अधिकांश विवाद पुराने आवंटनों, कब्जे में देरी और अनुबंध की शर्तों से संबंधित हैं। जिन खरीदारों के मामले लंबित हैं, वे रेरा, उपभोक्ता आयोग और अदालतों के माध्यम से कानूनी राहत की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर, कंपनी भी विभिन्न मंचों पर अपना पक्ष रख रही है।
कानूनी जानकारों का कहना है कि इस परियोजना से जुड़े विवादों का अंतिम समाधान अलग-अलग मामलों में अदालतों और नियामक प्राधिकरणों के आदेशों पर निर्भर करेगा। फिलहाल कई खरीदार अपने मामलों के निस्तारण का इंतजार कर रहे हैं, जबकि संबंधित मंचों पर सुनवाई लगातार जारी है।