दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस ने तकनीकी जांच और जमीनी स्तर पर चलाए गए अभियान के जरिए जुलाई में 43 बच्चों समेत 124 गुमशुदा लोगों को सुरक्षित तलाश लिया। वर्ष 2026 में अब तक 990 लोगों को उनके परिजनों से मिलाकर पुलिस ने मानवीय पहल का सफल उदाहरण पेश किया है।

नई दिल्ली (Naren Danu) : दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस ने 'ऑपरेशन मिलाप' के तहत जुलाई महीने में शानदार सफलता हासिल करते हुए 124 गुमशुदा लोगों को सुरक्षित खोजकर उनके परिजनों से मिलाया है। इनमें 43 गुमशुदा या अपहृत बच्चे और 81 वयस्क शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि त्वरित कार्रवाई, आधुनिक तकनीक और जमीनी स्तर पर चलाए गए व्यापक अभियान के कारण यह सफलता संभव हो सकी।

2026 में अब तक 990 लोगों की घर वापसी

पुलिस के अनुसार, इस वर्ष 1 जनवरी से 31 जुलाई तक कुल 990 गुमशुदा लोगों को उनके परिवारों तक पहुंचाया गया है। इनमें 269 बच्चे और 721 वयस्क शामिल हैं। यह अभियान लगातार जारी है ताकि अधिक से अधिक परिवार अपने बिछड़े सदस्यों से मिल सकें।

सीसीटीवी से लेकर बस अड्डों तक चला सर्च ऑपरेशन

हर गुमशुदगी की सूचना मिलते ही संबंधित थाना पुलिस ने तत्काल खोज अभियान शुरू किया। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, स्थानीय पूछताछ, बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों, ऑटो और ई-रिक्शा स्टैंड पर फोटो चस्पा करने के साथ-साथ स्थानीय मुखबिरों और अस्पतालों की भी मदद ली गई। इन समन्वित प्रयासों के चलते जुलाई में बड़ी संख्या में गुमशुदा लोगों का पता लगाया गया।

इन थानों का रहा शानदार प्रदर्शन
कापसहेड़ा थाना: 28 लोग (14 बच्चे, 14 वयस्क)
वसंत कुंज साउथ: 17
सागरपुर: 15
पालम विलेज: 11
एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU): 10
आर.के. पुरम: 9
डीएमपीयू: 13 वयस्क
वसंत कुंज नॉर्थ: 5
किशनगढ़: 5
दिल्ली कैंट: 4
सरोजिनी नगर: 3
साउथ कैंपस और एस.जे. एन्क्लेव: 2-2
पुराने मामलों का भी हुआ खुलासा

जुलाई में बरामद किए गए लोगों में कई ऐसे भी थे जो वर्षों से लापता थे। इनमें 2020 के 12, 2021 का 1, 2024 के 5 और 2025 के 2 मामले शामिल हैं। वहीं, 2026 में गुमशुदा हुए 104 लोगों को भी इसी अवधि में खोज लिया गया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि 'ऑपरेशन मिलाप' आगे भी इसी तरह तकनीकी संसाधनों और समन्वित प्रयासों के साथ जारी रहेगा, ताकि अधिक से अधिक गुमशुदा बच्चों और वयस्कों को सुरक्षित उनके परिवारों तक पहुंचाया जा सके।