पानीपत (निर्मल सिंह विर्क) : हरियाणा राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के सदस्य एवं अधिवक्ता संजीव धरू और रेखा रानी ने शनिवार को सैंट मैरी स्कूल में सफाई कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर एक दिवसीय औचक निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न संस्थानों और एजेंसियों में कार्यरत सफाई कर्मचारियों से अलग-अलग बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों को तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जांच पूरी होने तक किसी भी सफाई कर्मचारी को नहीं हटाया जाएगा। यदि किसी कर्मचारी के साथ अन्याय हुआ तो संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
दौरे के दौरान आयोग सदस्य इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल), पानीपत रिफाइनरी एवं पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स पहुंचे। यहां उन्होंने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया तथा सफाई कर्मचारियों से संवाद कर उनकी कार्य परिस्थितियों और समस्याओं की जानकारी ली। इससे पूर्व उन्होंने सेंट मैरी स्कूल का निरीक्षण किया और कर्मचारियों से सीधी बातचीत की।
कर्मचारियों ने आयोग सदस्य को बताया कि उन्हें समय पर वेतन नहीं मिल रहा, कई कर्मचारियों के ईएसआई कार्ड और पहचान पत्र नहीं बने हैं, पीएफ की सुविधा, इंसोरेंस उपलब्ध नहीं है तथा अन्य श्रम कानूनों का भी सही ढंग से पालन नहीं किया जा रहा। कर्मचारियों ने अपनी शिकायतें लिखित रूप में भी आयोग सदस्य को सौंपीं। इस पर संजीव धरू ने जेबीएम, पीसीसी तथा अन्य संबंधित कंपनियों के कार्यों की जांच कराने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने पैरोल पर कार्य करने वाले तथा ठेकेदारों के माध्यम से नियुक्त कर्मचारियों के ईएसआई कार्ड एक सप्ताह के भीतर जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों से प्राप्त सुझावों और शिकायतों का प्रस्ताव तैयार कर आयोग को भेजा जाए, ताकि स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
उन्होंने कर्मचारियों से बिना किसी संकोच के खुलकर अपनी बात रखने का आह्वान किया और भरोसा दिलाया कि आयोग उनके अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी मजबूती से खड़ा है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई तय है।
आयोग सदस्यों संजीव और रेखा रानी ने लेबर विभाग को कर्मचारियों द्वारा दी गई लिखित शिकायतों पर नियमानुसार मामला दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी को एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) का पालन करना होगा और किसी भी कर्मचारी के अधिकारों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने सफाई कर्मचारियों से पूछा कि सीवर एवं टैंकों की सफाई के समय उन्हें सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं या नहीं। साथ ही उन्होंने न्यूनतम वेतन 15,220 रुपये मिलने के संबंध में जानकारी ली। अधिकांश कर्मचारियों ने निर्धारित वेतन नहीं मिलने की बात कही। इस पर उन्होंने कहा कि दोषी अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
स्वच्छ भारत अभियान पर आयोग सदस्य संजीव धरू ने कहाकि
"स्वच्छ भारत अभियान केवल सफाई का कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश के सम्मान का अभियान है। इस अभियान की सबसे मजबूत कड़ी हमारे सफाई कर्मचारी हैं। यदि उन्हें समय पर वेतन, ईएसआई, पीएफ, सुरक्षा उपकरण, पहचान और सम्मान नहीं मिलेगा तो स्वच्छ भारत का सपना अधूरा रह जाएगा। सरकार की प्राथमिकता है कि प्रत्येक सफाई कर्मचारी सुरक्षित वातावरण में सम्मान के साथ कार्य करे। किसी भी कर्मचारी का शोषण, अधिकारों का हनन या नियमों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो एजेंसी या अधिकारी नियमों का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।"
इस अवसर पर सीजीएम (एचआर) ओम प्रकाश, सीएम (एम्प्लॉयी सर्विसेज) आर. के. पाठक, जीएम (एचआर) अंशुमय भट्टाचार्य, संदीप जो, डीएमसी अरुण भार्गव, लेबर इंस्पेक्टर बलजीत मलिक सहित जेबीएम, पीसीसी एवं अन्य संबंधित कंपनियों के अधिकारी उपस्थित रहे।