नगर निगम आयुक्त अमित कुमार ने रिक्लेम्ड डंपिंग साइट का निरीक्षण कर पौधों की देखभाल, सिंचाई व्यवस्था और पर्यावरणीय प्रबंधन को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। 21 हजार फीट लंबे सिंडर ट्रैक निर्माण, टीटी वाटर सप्लाई सिस्टम और लीचेट प्रबंधन की समीक्षा करते हुए उन्होंने गुणवत्ता व समयबद्ध कार्य पूरा करने पर जोर दिया।

चंडीगढ़ : नगर निगम चंडीगढ़ के आयुक्त अमित कुमार, आईएएस ने शनिवार को डड्डूमाजरा स्थित रिक्लेम्ड डंपिंग ग्राउंड का दौरा कर पौधारोपण की प्रगति और वहां चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को पौधों के नियमित रखरखाव, सिंचाई व्यवस्था और पर्यावरणीय मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान विशेष आयुक्त हरप्रीत सिंह सूदन, आईएएस, मुख्य अभियंता संजय अरोड़ा तथा नगर निगम के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

कमिश्नर ने हाल ही में किए गए पौधारोपण अभियान के तहत लगाए गए पौधों की वृद्धि और उनकी स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को पौधों की नियमित निगरानी करने, समय पर देखभाल सुनिश्चित करने और उनके बेहतर विकास के लिए आवश्यक सभी कदम उठाने के निर्देश दिए।

दौरे के दौरान उन्होंने रिक्लेम्ड साइट पर विकसित किए जा रहे करीब 21 हजार फीट लंबे सिंडर ट्रैक के निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया। उन्होंने इंजीनियरिंग विंग को गुणवत्ता से कोई समझौता किए बिना निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।

पौधों की बेहतर सिंचाई सुनिश्चित करने के लिए कमिश्नर ने टर्शियरी ट्रीटेड (टीटी) वाटर सप्लाई सिस्टम का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को पर्याप्त जल दबाव बनाए रखने और उपचारित पानी की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि सभी पौधों को पर्याप्त सिंचाई मिल सके।

इसके अलावा, उन्होंने डंपिंग ग्राउंड पर लीचेट प्रबंधन प्रणाली का भी जायजा लिया और अधिकारियों को लीचेट अपशिष्ट जल के संग्रहण, उपचार और निस्तारण की प्रक्रिया पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था की नियमित निगरानी जरूरी है ताकि किसी भी प्रकार का पर्यावरण प्रदूषण न हो।

इस अवसर पर अमित कुमार ने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य रिक्लेम्ड डंपिंग ग्राउंड को स्वच्छ, हरित और पर्यावरण के अनुकूल सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित करना है। उन्होंने कहा कि पौधारोपण की नियमित निगरानी, विकास कार्यों का समय पर पूरा होना और प्रभावी पर्यावरण प्रबंधन इस स्थान को शहर की एक महत्वपूर्ण हरित धरोहर में बदलने में अहम भूमिका निभाएगा।