मोहाली : सेक्टर-112 स्थित जुबली वेस्ट ग्रोव मेगा हाउसिंग एवं कमर्शियल प्रोजेक्ट को लेकर विवाद एक बार फिर गहरा गया है। शनिवार को परियोजना स्थल के बाहर सोसायटी के सदस्यों ने बैनर लेकर प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि अदालत के 11 मई 2026 के स्टे आदेश के बावजूद निर्माण कार्य जारी है। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर निर्माण रुकवाने की मांग की।
सोसायटी के सदस्यों का आरोप है कि मूल भूमि मनोहर एंड संस को टेंडर के माध्यम से दी गई थी। बाद में 33 कनाल साझा (मुश्तरका) जमीन को विवाद के बावजूद जुबली वेस्ट ग्रोव परियोजना के लिए ट्रांसफर कर दिया गया। उनका कहना है कि भूमि का बंटवारा (तकसीम) अभी लंबित है और मामला अदालत में विचाराधीन होने के बावजूद सीएलयू (चेंज ऑफ लैंड यूज) लेकर परियोजना शुरू कर दी गई।
सोसायटी के अधिवक्ता एच.एस. बलिंग ने आरोप लगाया कि वर्ष 2021 में विवादित भूमि का हस्तांतरण किया गया और 2022 में तकसीम का मामला लंबित होने के बावजूद सीएलयू हासिल कर लिया गया। उनका दावा है कि नियमों के अनुसार विवादित भूमि पर सीएलयू नहीं मिलना चाहिए था। इसके बावजूद परियोजना को रेरा से मंजूरी लेकर ऊंची कीमतों पर संपत्तियां बेची जा रही हैं।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि लगभग 60 सदस्यों की 19 कनाल 10 मरले भूमि प्रभावित हुई है। उनका कहना है कि वर्ष 2014 में 20 हजार रुपये प्रति वर्ग गज के हिसाब से भुगतान का आश्वासन दिया गया था, लेकिन न तो भुगतान किया गया और न ही रास्ता छोड़ा गया। आरोप है कि 80 फुट चौड़े प्रस्तावित रास्ते को भी संकरा कर दिया गया, जिससे उनकी जमीन डेड ब्लॉक बन गई।
सोसायटी सदस्यों ने दावा किया कि अदालत ने संबंधित पक्षों को निर्माण कार्य से रोका है, लेकिन मौके पर गतिविधियां जारी हैं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक विवाद का समाधान नहीं होता, वे आंदोलन जारी रखेंगे और लोगों से भी परियोजना में निवेश या संपत्ति खरीदने से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब तक इस मामले में कोई फैसला नहीं आता तब तक यहां करवाया जा रहा निर्माण कार्य बंद करवाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसा नहीं होता तो सभी पीड़ित इस प्रोजेक्ट के बाहर पक्का धरना देंगे।
हालांकि, इन सभी आरोपों पर जुबली वेस्ट ग्रोव प्रबंधन अथवा मनोहर एंड संस के प्रबंधको का कहना था कि प्रोजेक्ट का जो हिस्सा विवादित है वहां काम बिल्कुल बंद है और जो हिस्सा विवादित नहीं है केवल उस पर निर्माण कार्य किया जा रहा है।