अमृतसर (Naren Danu) : मानसून सीजन में डेंगू और चिकनगुनिया जैसी मौसमी बीमारियों के बढ़ते खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। नैशनल डेंगू कंट्रोल प्रोग्राम के तहत जिला प्रशासनिक परिसर में जिला टास्क फोर्स की अहम बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (एडीसी) पल्लवी शर्मा ने की।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग सहित नगर निगम, लोकल बॉडी विभाग, शिक्षा विभाग, पंजाब रोडवेज, वाटर सप्लाई एवं सैनिटेशन विभाग, मेडिकल कॉलेजों, आईएमए, फूड सप्लाई, ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग, पशु पालन, मंडी बोर्ड और सामाजिक सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान सभी विभागों को डेंगू की रोकथाम के लिए जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
एडीसी पल्लवी शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि डेंगू सीजन को देखते हुए जागरूकता अभियान तुरंत शुरू किए जाएं और संवेदनशील यानी हॉटस्पॉट इलाकों में सर्विलांस व सफाई व्यवस्था को और मजबूत किया जाए। उन्होंने कहा कि डेंगू को फैलने से पहले रोकने के लिए सभी विभागों को स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर काम करना होगा।
बैठक के दौरान डेंगू से बचाव को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष बैनर भी जारी किया गया। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे अपने घरों और आसपास पानी जमा न होने दें, क्योंकि जमा हुआ पानी मच्छरों के पनपने का मुख्य कारण बनता है।
मच्छरों की पैदावार रोकना सबसे जरूरी : सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डॉ. रश्मि विज ने कहा कि डेंगू और चिकनगुनिया से बचाव के लिए सबसे प्रभावी तरीका मच्छरों की पैदावार को रोकना है। उन्होंने कहा कि घरों में रखे कूलर, गमले, टायर, छतों और अन्य स्थानों पर जमा पानी को नियमित रूप से साफ करना चाहिए।
जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. हरजोत कौर ने कहा कि डेंगू की रोकथाम केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि सभी विभागों और आम जनता की भागीदारी जरूरी है। नगर निगम को सफाई और फॉगिंग, शिक्षा विभाग को स्कूलों में जागरूकता अभियान तथा अन्य विभागों को अपने-अपने क्षेत्रों में आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनजीत सिंह रटौल ने कहा कि डेंगू के खिलाफ जागरूकता सबसे बड़ा हथियार है। स्वास्थ्य विभाग जल्द ही घर-घर सर्वे, लार्वा चेकिंग और लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाएगा।