चंडीगढ़ (Naren Danu) : यूटी पुलिस के साइबर क्राइम थाने ने क्रेडिट कार्ड फ्रॉड करने वाले एक अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दिल्ली से दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है। आरोपित महिलाएं खुद को बैंक अधिकारी बताकर लोगों को क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का झांसा देती थीं और फिर गोपनीय बैंकिंग जानकारी हासिल कर खातों से पैसे निकाल लेती थीं।
पुलिस के अनुसार, आरोपित महिलाओं ने ओटीपी, सीवीवी और क्रेडिट कार्ड से जुड़ी अन्य संवेदनशील जानकारी हासिल कर लाखों रुपये की ठगी को अंजाम दिया। पुलिस ने उनके कब्जे से 10 मोबाइल फोन और कई सिम कार्ड बरामद किए हैं।
1.92 लाख रुपये की ठगी के बाद दर्ज हुआ था मामला
यह कार्रवाई एसपी साइबर गीतांजलि खंडेलवाल के निर्देशन में की गई। पुलिस ने बताया कि 30 जून को साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी।
शिकायतकर्ता ने बताया था कि कुछ लोगों ने खुद को एसबीआई क्रेडिट कार्ड अधिकारी बताकर संपर्क किया और कार्ड की लिमिट बढ़ाने का झांसा दिया। बातचीत के दौरान आरोपितों ने ओटीपी और कार्ड से जुड़ी जानकारी हासिल कर ली। इसके बाद उसके क्रेडिट कार्ड से करीब 1.92 लाख रुपये के अनधिकृत लेनदेन कर दिए गए।
दिल्ली में किराये के मकान से पकड़ी गईं
जांच के दौरान पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दिल्ली के उत्तम नगर स्थित एक किराये के मकान पर छापा मारा और दोनों महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में सामने आया कि गिरोह का एक अन्य सदस्य लोगों का डाटा उपलब्ध करवाता था, जिसके आधार पर आरोपित संभावित पीड़ितों को निशाना बनाते थे।
गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी
पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है। गिरफ्तार महिलाओं में से एक को अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि दूसरी से पुलिस पूछताछ कर रही है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बैंक अधिकारी बनकर फोन करने वालों से ओटीपी, सीवीवी, पासवर्ड या कार्ड की जानकारी साझा न करें। किसी भी संदिग्ध कॉल की तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें।