रायपुर (Naren Danu) : छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) भर्ती घोटाले में गिरफ्तार पूर्व अध्यक्ष टामन सोनवानी को शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की विशेष अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। ईडी की रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद उन्हें विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
ईडी ने टामन सोनवानी को 25 जुलाई को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया था। इसके बाद अदालत ने उन्हें 31 जुलाई तक ईडी की कस्टोडियल रिमांड पर भेजा था। जांच एजेंसी अब कथित अवैध लेन-देन, संपत्तियों और आर्थिक लाभ से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
पेपर लीक और रिश्वतखोरी के आरोप
यह मामला वर्ष 2020 और 2021 की सीजीपीएससी राज्य सेवा भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश से जुड़ा है। आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में प्रभावशाली लोगों के रिश्तेदारों को लाभ पहुंचाने के बदले भारी रिश्वत ली गई और चयन प्रक्रिया में अनियमितताएं की गईं।
सीबीआई की जांच के अनुसार, परीक्षा के प्रश्नपत्र कथित तौर पर पहले ही कुछ लोगों तक पहुंचाए गए थे। आरोप है कि लीक पेपर के आधार पर तैयारी करने वाले कुछ अभ्यर्थियों का चयन डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी समेत अन्य महत्वपूर्ण पदों पर हुआ।
सीबीआई के बाद अब ईडी की जांच
इस मामले में टामन सोनवानी को दो वर्ष पहले सीबीआई भी गिरफ्तार कर चुकी है। उनके साथ बजरंग पावर एंड स्टील लिमिटेड के निदेशक श्रवण कुमार गोयल को भी आरोपी बनाया गया था। प्रदेश सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद जांच सीबीआई को सौंपी थी।
सीजीपीएससी ने वर्ष 2021 में 171 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी। लिखित परीक्षा, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार के बाद मई 2023 में चयन सूची जारी की गई थी। भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठने के बाद सीबीआई ने छापेमारी कर कई दस्तावेज और अन्य साक्ष्य जब्त किए। अब ईडी मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू की जांच कर रही है और मामले में आगे भी कई अहम खुलासों की संभावना जताई जा रही है।