चंडीगढ़: पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने शुक्रवार को पंजाब लोक भवन में पंजाब और चंडीगढ़ के विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक कर ‘माई भारत युवा कनेक्ट–नशामुक्त अभियान’ की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने युवाओं को नशे के खिलाफ एकजुट करने और अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप देने पर जोर दिया।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव विवेक प्रताप सिंह, चंडीगढ़ के उपायुक्त निशांत यादव, चंडीगढ़ प्रशासन की स्कूल शिक्षा सचिव प्रेरणा पुरी, पंजाब विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. मीनाक्षी गोयल, माई भारत युवा कनेक्ट पंजाब की निदेशक रश्मीत कौर, माई भारत चंडीगढ़ के जिला युवा अधिकारी विनय कुमार तथा आईएएस अधिकारी ललित जैन उपस्थित रहे। वहीं पंजाब और चंडीगढ़ के विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने वर्चुअल माध्यम से बैठक में भाग लिया।
राज्यपाल कटारिया ने कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण में शैक्षणिक संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि ‘माई भारत युवा कनेक्ट–नशामुक्त अभियान’ छात्रों, शिक्षकों और शैक्षणिक संस्थानों को नशे के खिलाफ राष्ट्रीय अभियान से जोड़ने का प्रभावी मंच है।
उन्होंने सभी विश्वविद्यालयों को निर्देश दिए कि वे माई भारत पोर्टल के माध्यम से नशामुक्ति ई-शपथ अभियान में छात्रों, शिक्षकों और स्वयंसेवकों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करें। साथ ही 2 अगस्त 2026 को सुबह 10 बजे आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम की तैयारियां तत्काल शुरू करने को कहा, जिसमें प्रधानमंत्री वर्चुअल माध्यम से प्रतिभागियों को संबोधित करेंगे। उन्होंने प्रत्येक पात्र छात्र को पोर्टल पर पंजीकरण कर नशामुक्ति की शपथ लेने और ई-सर्टिफिकेट डाउनलोड करने के लिए प्रेरित करने पर बल दिया।
राज्यपाल ने प्रत्येक विश्वविद्यालय में एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश भी दिए, जो विश्वविद्यालय के विभागों, घटक एवं संबद्ध कॉलेजों तथा माई भारत के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करेगा। उन्होंने स्वयंसेवकों के पंजीकरण और शपथ अभियान के लिए लक्ष्य आधारित कार्ययोजना तैयार करने तथा नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल विश्वविद्यालय परिसरों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि सभी संबद्ध और घटक कॉलेजों में भी प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए। इसके लिए संस्थागत वेबसाइट, सोशल मीडिया, छात्र समूहों, डिजिटल स्क्रीन और अन्य संचार माध्यमों के जरिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए।
कटारिया ने विश्वविद्यालयों से वर्षभर नशामुक्ति विषय पर सेमिनार, जागरूकता व्याख्यान, रैलियां, प्रतियोगिताएं और शपथ कार्यक्रम आयोजित करने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सभी गतिविधियों की रिपोर्ट, फोटो और वीडियो माई भारत पोर्टल पर नियमित रूप से अपलोड किए जाएं ताकि अभियान की प्रभावी निगरानी और दस्तावेजीकरण सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक के अंत में राज्यपाल ने कहा कि सभी शैक्षणिक संस्थानों के सामूहिक प्रयासों से ‘नशामुक्त भारत’ का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह अभियान युवाओं को नशे से दूर रहकर स्वस्थ, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करेगा।