चंडीगढ़ (Narenb Danu) : पंजाब सरकार ने जीएसटी लागू होने से पहले के पुराने कर बकायों के निपटारे के लिए शुरू की गई पंजाब एकमुश्त निपटान योजना (OTS-2025) की अवधि बढ़ा दी है। वित्त, आबकारी एवं कराधान मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने शुक्रवार को घोषणा की कि अब पात्र करदाता इस योजना का लाभ 30 सितंबर 2026 तक उठा सकेंगे।
वित्त मंत्री ने बताया कि योजना को कारोबारियों और करदाताओं से अच्छा प्रतिसाद मिला है। अब तक इस योजना के तहत 9,782 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें कुल 437.51 करोड़ रुपये की कर मांग शामिल है। करदाताओं ने अब तक 167.23 करोड़ रुपये जमा करवाए हैं, जबकि राज्य सरकार ने कर, ब्याज और जुर्माने में कुल 534.54 करोड़ रुपये की राहत प्रदान की है।
व्यापारियों को विवाद खत्म करने का मौका
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि सरकार का उद्देश्य पुराने कर विवादों को समाप्त कर व्यापारियों और उद्योगों को राहत देना है। उन्होंने कहा कि ओटीएस योजना से कारोबारियों को लंबी कानूनी प्रक्रियाओं से छुटकारा मिलेगा और वे नए सिरे से व्यापार पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
उन्होंने कहा कि योजना के तहत ब्याज और जुर्माने पर 100 प्रतिशत छूट के साथ निर्धारित स्लैब के अनुसार मूल कर में भी राहत उपलब्ध करवाई जा रही है।
बकायेदारों पर सख्ती जारी
वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि जहां सरकार स्वैच्छिक समाधान का अवसर दे रही है, वहीं लगातार टैक्स बकाया रखने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी जारी है। उन्होंने बताया कि वैट के पुराने बकायेदारों की संपत्तियों की कुर्की और नीलामी की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि सख्त कार्रवाई के चलते अब तक 12.39 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली की जा चुकी है। कई करदाताओं ने कार्रवाई शुरू होने के बाद ओटीएस योजना के माध्यम से अपने मामलों का समाधान किया है।
30 सितंबर के बाद नहीं मिलेगा मौका
मंत्री ने शेष 9,386 पात्र करदाताओं से अपील की कि वे निर्धारित समय सीमा से पहले योजना का लाभ उठा लें। उन्होंने साफ किया कि 30 सितंबर 2026 के बाद कोई अतिरिक्त मौका नहीं दिया जाएगा।
समय सीमा समाप्त होने के बाद विभाग बैंक खाते सील करने, संपत्तियों की कुर्की और नीलामी जैसी कार्रवाई को तेज करेगा।
अगस्त में 13 नीलामी प्रक्रियाएं तय
हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि विभाग ने अगस्त 2026 में करीब 48.48 करोड़ रुपये के बकाये की वसूली के लिए 13 नीलामी प्रक्रियाएं निर्धारित की हैं। संबंधित करदाताओं को नीलामी से पहले ओटीएस योजना के तहत अपना मामला निपटाने की सलाह दी गई है।
उन्होंने यह भी बताया कि विभाग सुप्रीम कोर्ट के ‘समाधान’ अभियान के तहत बड़े कर विवादों को सुलझाने पर काम कर रहा है। अब तक 12 बड़े विवादों का समाधान किया जा चुका है, जबकि चार अन्य मामले अंतिम चरण में हैं।
वित्त मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार की नीति स्पष्ट है—ईमानदार करदाताओं को राहत और जानबूझकर बकाया रखने वालों पर सख्त कार्रवाई। इससे राज्य में व्यापार के लिए बेहतर माहौल बनाने के साथ-साथ राजस्व सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।